प्रकृति की अनुपम देन है लावापानी जलप्रपात

गोपी कुंवर , लोहरदगा : लोहरदगा जिला को प्रकृति ने बड़े ही मनोयोग व सुंदर ढंग से सजाया है. यहां कई पर्यटन स्थल हैं. यहां के धार्मिक एवं प्राकृतिक सौंदर्य को देखना काफी अच्छा लगता है. यहां के रमनिक प्राकृतिक छटा को देखने दूर-दूर से लोग आते हैं. लोहरदगा जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी […]

गोपी कुंवर , लोहरदगा : लोहरदगा जिला को प्रकृति ने बड़े ही मनोयोग व सुंदर ढंग से सजाया है. यहां कई पर्यटन स्थल हैं. यहां के धार्मिक एवं प्राकृतिक सौंदर्य को देखना काफी अच्छा लगता है. यहां के रमनिक प्राकृतिक छटा को देखने दूर-दूर से लोग आते हैं. लोहरदगा जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी की दूरी पर स्थिति लावापानी जलप्रपात का सौंदर्य देखते ही बनता है.
प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण सात स्तरों पर पानी गिरने का अनुपम दृश्य सिर्फ यहीं देखा जा सकता है. पेशरार प्रखंड क्षेत्र में स्थिति लावापानी जलप्रपात आज लोहरदगा जिला ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. प्रतिदिन यहां लगभग 50 से 60 वाहनों पर सवार होकर लोग लावापानी पहुंच रहें हैं.
लोगों को यहां की प्राकृतिक सुंदरता काफी भा रही है. मनोरम प्राकृतिक दृश्यों से भरे मार्ग में लगातार सुंदर दृश्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. पेशरार प्रखंड वही इलाका है जहां चार अक्तूबर 2000 को तत्कालीन एसपी अजय कुमार सिंह की हत्या उग्रवादियों ने कर दी थी. लेकिन आज स्थिति बदली है पेशरार प्रखंड बन गया है. यहां थाना की स्थापना हो गयी है.
सुंदर सड़कें हैं जो यात्रा को सुखद बनाते हैं. पेशरार आज पर्यटन स्थल के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है. पेशरार थाना परिसर में ही शहीद एसपी अजय कुमार सिंह की प्रतिमा स्थापित है. लावापानी जलप्रपात जाने के लिए बेहतर सड़के हैं. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं. परिवार के साथ लोग लावापानी पहुंच कर पिकनित मना रहे हैं. जिला प्रशासन भी इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रहा है. यहां के मनोरम दृश्य लोगों को काफी सुकून देते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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