बेतला़ बेतला नेशनल पार्क के किला बिट में काम करने वाले मजदूरों का धैर्य गुरुवार को जवाब दे गया. पिछले एक साल से बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं होने से आक्रोशित मजदूरों ने बेतला नेशनल पार्क के मुख्य द्वार और रेंजर कार्यालय में तालाबंदी कर जोरदार प्रदर्शन किया. पर्यटकों को लौटना पड़ा वापस : तालाबंदी के कारण रेंजर कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप रहा, वहीं नेशनल पार्क के मुख्य द्वार बंद होने से दूर-दराज से आये पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. प्रदर्शन के कारण कई पर्यटक पार्क घूमे बिना ही बैरंग वापस लौट गये. दो मार्च तक भुगतान करने का लिखित आश्वासन दिया : मजदूरों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अविलंब भुगतान की मांग दोहराई. करीब चार घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन के बाद रेंजर उमेश कुमार दुबे ने दो मार्च तक भुगतान करने का लिखित आश्वासन दिया, इसके बाद ही ताला खोला गया. मजदूरों का शोषण कर रहा विभाग : जिप सदस्य : प्रदर्शन को समर्थन देते हुए जिप सदस्य कन्हाई सिंह ने कहा कि वन विभाग मजदूरों का आर्थिक शोषण कर रहा है. उन्होंने कहा कि एक साल तक मजदूरी लंबित रखना अधिकारियों की घोर लापरवाही और भुगतान में भ्रष्टाचार को दर्शाता है. मजदूरों ने बताया कि उन्होंने पिछले साल मार्च में झाड़ी की सफाई और ग्रास प्लॉट का कार्य किया था, लेकिन विभाग लगातार टाल-मटोल कर रहा है. प्रदर्शन में संजय सिंह, भरत सिंह, रणजीत सिंह, रूबी देवी, पुनीता देवी, श्यामदेव सिंह, शनिचरी देवी, चंद्रदेव सिंह, धीरेंद्र सिंह, सजल सिंह, कृष्ण सिंह, सुखलाल सिंह, रघुनाथ सिंह, कविता देवी, बुधिया देवी, रूदा देवी, प्रभा देवी समेत दर्जनों मजदूर शामिल थे.
बकाया मजदूरी के लिए मजदूरों का फूटा गुस्सा, मुख्य द्वार और रेंजर कार्यालय में जड़ा ताला
बकाया मजदूरी के लिए मजदूरों का फूटा गुस्सा, मुख्य द्वार और रेंजर कार्यालय में जड़ा ताला
