बालूमाथ़ प्रखंड के भगिया गांव स्थित चिरचिरैया टोला में वज्रपात की चपेट में आने से सरसोया देवी पति रामेश्वर गंझू गंभीर रूप से घायल हो गयी. घटना के बाद परिजनों व अन्य ग्रामीणों ने उपचार के लिए उसे सीएचसी पहुंचाया. वहीं, वज्रपात की चपेट में आने से घर के समीप बंधी तीन बकरियों की भी मौत हो गयी. जबकि, दो अन्य बकरियां घायल हो गयी. घटना से पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है. घटना की सूचना मिलने के बाद जिपस प्रियंका कुमारी पीड़ित परिवार के घर पहुंच जानकारी प्राप्त की. उन्होंने प्रखंड के अधिकारियों को मामले से अवगत कराते हुए पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है. मौके पर जुगेश्वर टाना भगत, रामेश्वर गंझू, संदीप राम, सुनील भगत, मुन्ना मुंडा समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे. चंदवा और बारियातू में सुहागिनों ने की वटवृक्ष की पूजा
चंदवा/बारियातू. चंदवा और बारियातू प्रखंड में शनिवार को सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि व अखंड सौभाग्य के लिए वट सावित्री की पूजा की. चंदवा के सरोज नगर, थाना टोली, अलौदिया और कामता सहित ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही वट वृक्षों के नीचे सुहागिनों की भारी भीड़ उमड़ी. महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर कच्चा सूत बांधा. पंडित प्रदीप उपाध्याय, पंडित योगेश उपाध्याय समेत अन्य पुरोहितों ने पूजन संपन्न कराकर सत्यवान-सावित्री की कथा सुनायी. उधर, बारियातू प्रखंड के साल्वे, टोंटी, अमरवाडीह, शिबला, गोनिया, डाढ़ा, फुलसू और बालूभांग पंचायतों में यह पर्व भक्तिभाव के साथ मनाया गया. पारंपरिक वेशभूषा व 16 श्रृंगार में सजी महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर पूजा-अर्चना की. यहां पंडित जनार्दन पांडेय, रवींद्र मिश्रा, कृष्ण कुमार मिश्रा और काशीनाथ वैद्य सहित अन्य पुरोहितों ने अनुष्ठान कराया. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प से यमराज से पति सत्यवान के प्राण वापस ले लिये थे, तभी से यह परंपरा चली आ रही है.
