बेतला़ चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी की आहट के साथ ही पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) प्रबंधन वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड पर है. बेतला नेशनल पार्क में समर एक्शन प्लान के तहत मुस्तैदी बढ़ा दी गयी है़ बेजुबान जानवरों को पानी के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए टैंकरों के माध्यम से कृत्रिम जलपात्रों (वाटर ट्रफ) में युद्ध स्तर पर जलापूर्ति शुरू कर दी गयी है. आधा दर्जन सोलर पंपसेट भी लगाये गये हैं : बेतला रेंजर उमेश कुमार दुबे ने बताया कि वर्तमान में प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी उपलब्ध है, फिर भी एहतियातन टैंकरों से अतिरिक्त आपूर्ति की जा रही है. इससे हिरण, चीतल, लंगूर और बंदरों को बड़ी राहत मिलेगी. पार्क के विभिन्न क्षेत्रों में आधा दर्जन सोलर पंपसेट भी लगाये गये हैं, जो दिनभर जलाशयों का जलस्तर बनाये रखते हैं . बाहरी इलाकों में न जायें जानवर, बढ़ी पेट्रोलिंग : गर्मी में पानी की किल्लत होने पर वन्यजीव अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर रुख करते हैं, जहां वे शिकारियों के आसान निशाने पर होते हैं. इसे रोकने के लिए विभाग ने सख्त घेराबंदी की है. नियमित गश्त के अलावा विशेष पेट्रोलिंग टीमें चौबीसों घंटे जंगल के आंतरिक हिस्सों पर नजर रख रही हैं. आग से बचाव को फायर वॉचर्स तैनात : गर्मी में दावानल (जंगल की आग) एक बड़ी चुनौती है. सूखी पत्तियों की सफाई और आग पर तत्काल नियंत्रण के लिए फायर वॉचर्स की टीमें तैनात की गयी हैं. रेंजर के अनुसार, वैसे तो साल भर निगरानी होती है, लेकिन गर्मियों में विशेष चौकसी बरती जा रही है ताकि पारिस्थितिकी तंत्र सुरक्षित रहे.
बेतला नेशनल पार्क में टैंकर से जलापूर्ति शुरू
बेतला नेशनल पार्क में टैंकर से जलापूर्ति शुरू
