बचे नक्सली सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठायें व मुख्यधारा में लौटें

बचे नक्सली सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठायें व मुख्यधारा में लौटें

मनिका़ थाना परिसर में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव की अध्यक्षता में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और उनके परिजनों के साथ बैठक हुई. एसपी ने कहा कि जिले में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है. उन्होंने शेष नक्सलियों से सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाकर मुख्यधारा में लौटने की अपील की. पुनर्वास नीति के लाभों पर चर्चा : एसपी ने पूर्व नक्सलियों से उन्हें मिल रही सरकारी सुविधाओं की जानकारी ली और कई महत्वपूर्ण लाभ गिनाये. उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के बच्चों की शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष 40 हजार रुपये, कानूनी सहायता के लिए सरकारी वकील और पूरे परिवार को आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी जायेगी. इसके अलावा, स्वरोजगार के लिए बैंकों से चार लाख रुपये तक का ऋण और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत बेटियों की शादी में 30 हजार रुपये का प्रावधान है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी समस्या पर प्रशासन सहयोग के लिए तत्पर है. बैठक में मौजूद अधिकारी : मौके पर आत्मसमर्पित बल्केश्वर उरांव, दामोदर यादव, ललन यादव, आनंद सिंह की पत्नी, वैद्यनाथ सिंह की पत्नी समेत अन्य परिजन उपस्थित थे. इसके अलावा डीएसपी संजीव कुमार मिश्रा, थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास, बीडीओ संदीप कुमार, सब इंस्पेक्टर अवनीश कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी व जवान मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shailesh ambashtha

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >