लातेहार ़ नीति आयोग के आकांक्षी जिला एवं प्रखंड कार्यक्रम के तहत जिले में संपूर्णता अभियान 2.0 जोर-शोर से संचालित है. सुरक्षित मातृत्व दिवस पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. इस अभियान का मुख्य लक्ष्य विभिन्न विकासात्मक सूचकांकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करना है. आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण की पाठशाला : अभियान के दौरान जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर धात्री एवं गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सत्र आयोजित हुए. इसमें बच्चों के सही पालन-पोषण, संतुलित आहार और मातृ-शिशु स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण जानकारियां दी गयी. महिलाओं को नवजात शिशुओं की देखभाल और पोषण के प्रति जागरूक किया गया. विशेष रूप से प्रसव के समय संस्थागत वजन निगरानी के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में पुख्ता व्यवस्था की गयी है, ताकि शिशुओं के स्वास्थ्य की शुरुआती निगरानी सटीक ढंग से हो सके. फाइलेरिया उन्मूलन प्रशिक्षण : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित सहिया बैठकों में एएनसी (प्रसव पूर्व जांच), संस्थागत प्रसव और कम वजन वाले बच्चों की पहचान जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा हुई. स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार को लेकर आवश्यक रणनीतियां भी बनायी गयी. वहीं, पिरामल टीम ने अप्रैल में प्रस्तावित एमडीए (फाइलेरिया दवा वितरण) कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया़ गौरतलब है कि संपूर्णता अभियान 2.0 नीति आयोग द्वारा 28 जनवरी से 14 अप्रैल तक चलाया जा रहा है. इसका उद्देश्य आम जनता तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना है.
मातृ-शिशु स्वास्थ्य और फाइलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर
मातृ-शिशु स्वास्थ्य और फाइलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर
