पारंपरिक तरीके से मनाया गया सरहुल पर्व
पारंपरिक तरीके से मनाया गया सरहुल पर्व
बेतला. ग्राम देवता और प्रकृति की पूजा को समर्पित सरहुल पर्व कुटमू गांव के धरतीबर माड़र में पारंपरिक तरीके से मनाया गया. इस मौके पर दोपहर दो बजे पूजा संपन्न होने तक पूरे गांव में किसी भी घर का चूल्हा नहीं जला. ग्रामीणों ने सुबह से चापानल या कुएं से पानी भी नहीं भरा, जिससे कुटमू मोड़ पर सन्नाटा पसरा रहा. पूजा के बाद ही घरों में चूल्हे जले और पानी भरने का काम शुरू हुआ. धरतीबर माड़र में ग्राम प्रधान और कुटमू के बैगा ने मिलकर गांव गम्हेल और दुर्जागिन देवता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय हो गया. ग्रामीण मांदर की पारंपरिक धुन पर देर तक नाचते-गाते रहे. ग्रामीणों ने बताया कि सरहुल हमें प्रकृति से जुड़ने का संदेश देता है. इस पूजा से हम जल, जंगल और जमीन के वास्तविक महत्व को समझते हैं और उनकी रक्षा का सामूहिक संकल्प लेते हैं. यह पर्व पर्यावरण संरक्षण के साथ आपसी भाईचारे को बढ़ावा देता है. आलमगीर आलम के जेल से रिहा होने पर समर्थकों में उत्साह
बेतला. पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के जेल से रिहा होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है. इसी क्रम में कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव अरशदुल कादरी ने पूर्व मंत्री से शिष्टाचार मुलाकात की. उन्होंने आलमगीर आलम को गुलदस्ता भेंट कर रिहाई पर खुशी जतायी. कादरी ने कहा कि अदालत का फैसला न्याय की जीत है, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है. मुलाकात के दौरान अरशदुल कादरी और पूर्व मंत्री के बीच विभिन्न गंभीर बिंदुओं पर चर्चा हुई. इस दौरान झारखंड की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, पार्टी संगठन की मजबूती, अल्पसंख्यक समाज से जुड़े मुद्दों और क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया.