लातेहार ़ जिला समाहरणालय में गुरुवार को जिला परिषद अध्यक्ष पूनम देवी की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक हुई. इस दौरान विस्थापितों के हक, विकास योजनाओं में अनियमितता और अवैध वसूली जैसे मुद्दों पर सदस्यों ने जमकर भड़ास निकाली. बैठक में सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली. दुकानों की नीलामी पर सदस्यों के बीच नोकझोंक : बैठक की शुरुआत में ही जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने विस्थापित दुकानदारों को प्राथमिकता देने का मुद्दा उठाया. उन्होंने मांग की कि जो दुकानदार वर्षों से जीविकोपार्जन कर रहे हैं, उन्हें ही जगह मिलनी चाहिए. इस पर सदस्य कन्हाई सिंह ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए दुकानों की खुली नीलामी होनी चाहिए. दोनों सदस्यों के बीच काफी देर तक बहस और नोकझोंक हुई, इसके बाद उप विकास आयुक्त के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ. भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का उठा मामला : उपाध्यक्ष अनीता देवी ने जनसेवकों के नियम विरुद्ध स्थानांतरण और स्कूलों में नामांकन के नाम पर हो रही अवैध वसूली का मामला उठाया. वहीं, सदस्य विनोद उरांव ने कल्याण विभाग की योजनाओं में भारी लूट का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बिना काम कराये ही फर्जी ग्रामसभा के जरिये भुगतान किया जा रहा है. इस पर आइटीआइ निदेशक ने तत्काल जांच कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया. क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा : सदस्य सरोज देवी ने चंदवा में गहराते पेयजल संकट और खराब जलमीनारों को दुरुस्त करने की मांग की. बालूमाथ सदस्य प्रियंका कुमारी ने मुरपा, भगिया और सिरम स्कूलों की चहारदीवारी निर्माण और खनन कंपनियों द्वारा स्थानीय लोगों को सुविधाएं नहीं देने का मुद्दा उठाया. गारू सदस्य जीरा देवी ने बीडीओ के चालक द्वारा सरकारी आवास पर अवैध कब्जे की शिकायत की. बैठक में बस स्टैंडों पर तोरण द्वार निर्माण और अन्य विकास योजनाओं पर भी सहमति बनी. मौके पर डीडीसी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.
दुकानों की नीलामी और भ्रष्टाचार पर भिड़े सदस्य
दुकानों की नीलामी और भ्रष्टाचार पर भिड़े सदस्य
