आम बागवानी योजना ने बदली किसान की किस्मत

प्रखंड अंतर्गत टोंटी पंचायत के इटके गांव निवासी मो शाहिद सराज आम बागवानी से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं.

बारियातू. प्रखंड अंतर्गत टोंटी पंचायत के इटके गांव निवासी मो शाहिद सराज आम बागवानी से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. किसान शाहिद बताते हैं कि तीन साल पहले उन्हें सरकार से बिरसा हरित आम बागवानी योजना मिली थी. अपनी पुश्तैनी जमीन पर सौ आम का पेड़ लगाया था. इन पेड़ के रख-रखाव और सिंचाई में काफी मेहनत की. एक एकड़ में आम्रपाली सहित विभिन्न प्रजातियों के आम का पेड़ लगाया है. वहीं पेड़ों के बीच की खाली जमीन पर खीरा, मिर्च, भिंडी सहित अन्य सब्जियों को खेती की. शाहिद बताते हैं कि पहले दो साल पेड़ में मंजर आये, लेकिन विशेषज्ञों के कहने पर उसे तोड़ दिया. पिछले वर्ष लगभग 70 हजार रुपये से अधिक की सब्जी बेची थी. इस वर्ष आम से पहली बार बेहतर आमदनी हो रही है. दशहरी और मालदा आम को लोग बहुत पसंद कर रहे हैं. आम्रपाली की काफी मांग है. आम पौधे में जैविक खाद का प्रयोग करते है. इससे आम का साइज बड़ा होता है. साथ ही मिठास भी ज्यादा होती है. मनरेगा बीपीओ चेतन कुमार गुप्ता ने बताया कि सरकार ने आम बागवानी योजना को मनरेगा से जोड़ देने से ग्रामीण इलाकों में रोजगार का सृजन हो रहा है. अब प्रखंड के अन्य किसानों में भी आम बागवानी को लेकर उत्साह दिख रहा है.

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