घायल दंतैल हाथी की बची जान, वन विभाग की टीम ने सफल रेस्क्यू के बाद किया इलाज

घायल दंतैल हाथी की बची जान, वन विभाग की टीम ने सफल रेस्क्यू के बाद किया इलाज

बेतला़ पलामू टाइगर रिजर्व के बेतला नेशनल पार्क में गंभीर रूप से घायल एक वयस्क नर हाथी का वन विभाग की टीम ने सफल उपचार किया है. अत्याधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए टीम ने हाथी को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर उसके पैर के जख्म का सफल इलाज किया. अब हाथी की स्थिति बेहतर है. पांच दिनों तक रखी कड़ी नजर : पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना ने बताया कि 18 फरवरी को हाथी के दाहिने पैर में गंभीर घाव देखा गया था, जिसके कारण वह लंगड़ा कर चल रहा था. घने जंगल में हाथी का इलाज करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण था. रेस्क्यू टीम ने लगातार पांच दिनों तक हाथी की गतिविधियों, उसके व्यवहार और फीडिंग साइट का बारीकी से वैज्ञानिक आकलन किया. इसके बाद 26 फरवरी को मानक प्रोटोकॉल के तहत ””””केमिकल इम्मोबिलाइजेशन”””” तकनीक का उपयोग कर उसे सुरक्षित ट्रेंकुलाइज किया गया. जख्म की हुई गहन क्लीनिकल जांच : ट्रेंकुलाइजेशन के दौरान डॉक्टरों की टीम ने घाव का विस्तृत परीक्षण किया. संक्रमण रोकने के लिए एंटीसेप्टिक वाउंड क्लीनिंग, डिब्राइडमेंट और एंटीबायोटिक व एंटी-इन्फ्लेमेटरी दवाओं का प्रयोग किया गया. उपचार के बाद हाथी को सफलतापूर्वक रिकवरी अवस्था में लाया गया. रेस्क्यू टीम में ये थे शामिल : इस सफल ऑपरेशन में डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश जेना, बेतला रेंजर उमेश दुबे, वनपाल संतोष सिंह, नंदलाल साहू, देवपाल भगत, सुभाष कुमार, वेटनरी डॉक्टर सुनील कुमार, पुरुषोत्तम कुमार, फील्ड बायोलॉजिस्ट तपस कर्मकार, अभय कुमार, संजीव कुमार, राहुल कुमार और हाथी महावत विदर, जोहा, सत्येंद्र व राम प्रसाद शामिल थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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