बारियातू. रमजान के पहले जुम्मे की नमाज शुक्रवार को अकीदत के साथ अदा की गयी. प्रखंड मुख्यालय सहित इटके, शिबला, साल्वे, नावाडीह, बठेठ, फुलसू, रत्नादाग के अलावा अन्य मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ देखी गयी. नमाज अदा कर लोगों ने देश की तरक्की, अमन-शांति की दुआ मांगी. इटके जामा मस्जिद के मौलाना शमशाद और साल्वे नूरी मस्जिद के खतीब मौलाना अबुशहमा नदवी ने तकरीर के दौरान रोजे और रमजान की फजीलत पर प्रकाश डाला. कहा कि यह माह इबादत, रहमत और मगफिरत का है. इस पवित्र माह में इंसान को बुरे कर्मों से बचने की जरूरत है. मौलाना ने कहा कि रमजान सिर्फ इबादत का माह नहीं, बल्कि गरीबों और जरूरतमंदों की मदद का भी माह है. इधर, रमजान शुरू होते ही बाजार में चहल-पहल बढ़ गयी है. फल, सेवई और इफ्तार की सामग्री की दुकानें सज गयी है. शाम में बाजार में सबसे अधिक भीड़ उमड़ने लगी है.
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