लातेहार ़ बढ़ती गर्मी और संभावित लू (हीटवेव) के खतरों को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को चाक-चौबंद करने की कवायद शुरू कर दी है. मंगलवार को डीडीसी सैयद रियाज अहमद ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिये. डीडीसी ने सिविल सर्जन डॉ राजमोहन खलखो को निर्देश दिया कि लू से प्रभावित मरीजों के त्वरित उपचार के लिए तैयार कार्ययोजना को धरातल पर उतारें. 108 एंबुलेंस में रहेंगे आइस क्यूब और हाइड्रेशन सपोर्ट : बैठक में निर्देश दिया गया कि जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी और जिला अस्पताल में आवश्यक दवाओं, आइवी फ्लूड्स और ओआरएस पैकेट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाये. जिला अस्पताल में विशेष इमरजेंसी हीट स्ट्रोक यूनिट स्थापित करने को कहा गया है. साथ ही, 108 एंबुलेंस सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखते हुए उन्हें आइस क्यूब, तौलिया और हाइड्रेशन सपोर्ट जैसे संसाधनों से लैस करने का आदेश दिया गया. एंबुलेंस कर्मियों को थर्मल इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जायेगा. संवेदनशील मरीजों पर रहेगी विशेष नजर : डीडीसी ने गर्भवती महिलाओं, हृदय रोगियों, मधुमेह, उच्च रक्तचाप के मरीजों और कुपोषित बच्चों की विशेष निगरानी करने पर जोर दिया. अस्पतालों में नियमित बिजली आपूर्ति और सुचारू ओपीडी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है. प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए डीडीसी ने एक ही स्थान पर तीन वर्षों से पदस्थापित लेखा लिपिकों की सूची तैयार कर उनके स्थानांतरण का निर्देश दिया. मौके पर डीआरडीए निदेशक प्रभात रंजन चौधरी समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे.
अस्पतालों में बनेंगे हीट स्ट्रोक यूनिट, तीन साल से जमे क्लर्कों का होगा तबादला
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