बालूमाथ. खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन अधिनियम विधेयक के विरोध में झामुमो की ओर से शनिवार को प्रखंड कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय धरना दिया गया. धरने का नेतृत्व झामुमो प्रखंड अध्यक्ष प्रदीप गंझू ने किया.
काला कानून और जनविरोधी विधेयक
प्रदीप गंझू ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन अधिनियम विधेयक झारखंड के हित में नहीं है. उन्होंने इसे "काला कानून" और जनविरोधी विधेयक बताया. उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां के लोगों का जल, जंगल और जमीन से गहरा जुड़ाव है. ऐसे में खनिज संसाधनों से जुड़े कानून में संशोधन से राज्य के हित और आम लोगों के अधिकार प्रभावित होंगे.
विधेयक को वापस लेने की मांग
धरना को ऐश्वर्य उरांव, रीना उरांव, मनोज यादव, मो. इमरान और औरंगजेब खान समेत अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया. वक्ताओं ने विधेयक को जनविरोधी बताते हुए कहा कि इससे राज्य के विकास पर असर पड़ सकता है. उन्होंने केंद्र सरकार से विधेयक को वापस लेने की मांग की.
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राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
धरना समाप्त होने के बाद झामुमो कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन बालूमाथ के बीडीओ और सीओ को सौंपा. मौके पर कपिल देव उरांव, सरफराज अंसारी, कामेश्वर भोक्ता, नागदेव उरांव, अबुल भाई, गुड़िया देवी, देवंती देवी, सविता कुमारी, फूलमनी देवी, मुनाजिर हुसैन, साबिर अंसारी, जुनैद अनवर, सिकंदर उरांव, बाबूलाल उरांव, सुनील उरांव, केवल उरांव, मुकेश उरांव और परमेश्वर गंझू समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे.
