महुआडांड़़ झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की बैठक अम्वाटोली स्थित पंचायत भवन में हुई. इसमें राज्य सरकार द्वारा आंदोलनकारियों की उपेक्षा किये जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया गया. मुख्य अतिथि दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की अध्यक्ष रोजलीन तिर्की ने कहा कि अलग राज्य के लिए संघर्ष करने वालों को सम्मान, पहचान और उनके बच्चों को नियोजन की गारंटी देने के वादे अधूरे हैं. उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी को 50 हजार रुपये पेंशन देने के संकल्प पर अमल न होना दुर्भाग्यपूर्ण है. अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलनकारी 10 जून से मुख्यमंत्री आवास का अनिश्चितकालीन घेराव करेंगे. इस दौरान आमरण अनशन और आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाये जायेंगे. उन्होंने इसे आंदोलनकारियों का आखिरी संघर्ष करार दिया. विशिष्ट अतिथि विलंगना किंडो ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों को सम्मान और पेंशन दे, टेंशन नहीं. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रंजीत टोप्पो ने कहा कि अब स्थानीय बच्चों की हकमरी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सरकार को अलग राज्य के संवैधानिक मूल्यों का पालन करना चाहिए. मौके पर जेरोम तिग्गा, राजेश लकड़ा, वीरेंद्र टोप्पो, बेरियानुस मिंज, कृति किरण गिद्ध, फूलजेंट एक्का, तमासुयुस मिंज, सुमित हिटलर मिंज, बृजमोहन मिंज, कालिस्ता तिग्गा, हरि एक्का, जॉन कुजूर, फ्लोर एक्का, गीता तिर्की, मेसरेकन खलखो, सेबेरियुस मिंज, अजय कुजूर, पुरुष वाणी खालखो, विनोद कुजूर, निर्मल कुजूर आंदोलनकारी मौजूद थे.
मुख्यमंत्री आवास घेरेंगे झारखंड आंदोलनकारी, 10 जून से निर्णायक जंग का एलान
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