सदर अस्पताल में डाॅक्टर अपनी मनमर्जी से करते हैं मरीजों का इलाज

लातेहार सदर अस्पताल में लापरवाही रुकने का नाम नहीं ले रही है. दिन हो या रात डॉक्टर अपनी सुविधा के अनुसार लोगों का इलाज करते है.

लातेहार. लातेहार सदर अस्पताल में लापरवाही रुकने का नाम नहीं ले रही है. दिन हो या रात डॉक्टर अपनी सुविधा के अनुसार लोगों का इलाज करते है. ऐसा ही एक मामला शुक्रवार रात देखने को मिला. शुक्रवार की रात लगभग 8 बजे शहर के थाना चौक और शहीद चौक पर दो बच्चियों को कुत्ते ने काट लिया है. स्थानीय लोगों दोनों काे लेकर सदर अस्पताल पहुंचे. वहां इमरजेंसी मे कोई डॉक्टर नहीं था. इमरजेंसी में दो ड्रेसर मौजूद थे, जिन्हाेंने दोनों बच्चियों का प्राथमिक उपचार किया. डाॅक्टर के बारे में पूछने पर कर्मियों ने बताया कि डाॅक्टर साहब को फोन कर दिया गया है, वो आते ही होंगे. लगभग 40 मिनट बीत गया, लेकिन इमरजेंसी में कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा. इसके बाद कुछ लोगों ने इस बात की सूचना सिविल सर्जन डाॅ अवधेश कुमार सिंह को दी. सिविल सर्जन द्वारा इमरजेंसी में ड्यूटी करने वाले डाॅ सुदामा प्रसाद को फोन कर इस बात की जानकारी दी. इसके बाद डाॅ सुदामा प्रसाद इमरजेंसी में पहुंचते है और दोनों बच्चियों देखा. इसके बाद डॉ प्रसाद ने सिविल सर्जन को फोन करने वाले की जानकारी ली. और कहा कि इलाज हो ही रहा था, फिर भी सिविल सर्जन को फोन करने की क्या जरूरत थी. इसके बाद डाॅ प्रसाद ने दोनों कर्मियों को डाटते हुए कहा कि किसी भी मरीज को सीधे डॉक्टर के पास क्यों भेज देते हो. ज्ञात हो कि सिविल सर्जन डाॅ सिंह और सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डाॅ अखिलेश्वर प्रसाद जिला मुख्यालय में रात को नहीं रहते हैं, इस कारण अस्पताल के डॉक्टर व कर्मियों पर उनका नियंत्रण नहीं है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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