बेतला़ बेतला नेशनल पार्क को हर साल की तरह इस वर्ष भी एक जुलाई से 30 सितंबर तक बंद कर दिया गया है. यह अवधि जानवरों के प्रजनन काल को देखते हुए तय की जाती है. सामान्यतः पार्क एक अक्टूबर को खोला जाता है. लेकिन इस वर्ष दुर्गा पूजा की शुरुआत 22 सितंबर से हो रही है. ऐसे में पर्यटकों की भारी भीड़ बेतला की ओर उमड़ सकती है. कई पर्यटकों ने पहले से ही कमरे बुक कर लिए हैं, वहीं कुछ अब भी संशय में हैं. उनका कहना है कि जब पार्क बंद रहेगा तो छुट्टियों में वहां जाने का कोई औचित्य नहीं होगा. इसलिए सभी की निगाहें पलामू टाइगर रिजर्व प्रबंधन पर टिकी हैं कि क्या इस बार पार्क निर्धारित समय से पहले खोला जायेगा. हो सकता है लाखों का नुकसान : दुर्गा पूजा के दौरान बेतला नेशनल पार्क में मेले जैसा माहौल रहता है. खासकर कोलकाता से काफी संख्या में बंगाली पर्यटक पहुंचते हैं. यदि इस बार भी पार्क बंद रहा तो वन विभाग, पर्यटन विभाग और स्थानीय व्यवसायियों को लाखों रुपये का नुकसान होगा. होटल, गाइड, सफारी वाहन संचालक और दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह प्रभावित होगा. स्थानीय लोगों ने उठायी मांग : पार्क से जुड़े गाइड, होटल मालिक और वाहन संचालक सितंबर के अंतिम सप्ताह में ही पार्क खोलने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि दुर्गा पूजा के अवसर पर पार्क खोलने से यहां की रौनक लौटेगी और पर्यटक भी निराश नहीं होंगे. पर्यटक कर रहे रोजाना पूछताछ : होटल वन विहार और अन्य पर्यटन केंद्रों में पर्यटक लगातार फोन कर पूछ रहे हैं कि क्या दुर्गा पूजा के दौरान पार्क खुलेगा. हालांकि, अब तक प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गयी है. प्रबंधन ने कहा नहीं आया आवेदन : पलामू टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना ने बताया कि अब तक निर्धारित अवधि से पहले पार्क खोलने को लेकर कोई आवेदन नहीं आया है. यदि आवेदन आता है तो इसे आगे भेजा जायेगा. पार्क खोलने के लिए भारत सरकार के एनटीसीए से आदेश लेना आवश्यक है.
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