1985 में लातेहार विधानसभा सीट के सभी उम्मीदवारों के नामांकन हुए थे रद्द, क्या थी वजह?

Flash Back: झारखंड की लातेहार विधानसभा सीट पर एक चुनाव में सभी उम्मीदवारों के नामांकन रद्द हो गए थे. कब हुआ था ऐसा और उसके बाद क्या हआ, जानने के लिए पढ़ें.

Flash Back|Jharkhand Assembly Election|रांची/लातेहार, चंद्रप्रकाश सिंह : वर्ष 1985 में हुए विधानसभा चुनाव (तत्कालीन बिहार) में लातेहार विधानसभा क्षेत्र की चर्चा देश-दुनिया में हुई थी. उस वक्त लातेहार से चुनाव लड़नेवाले सभी सात उम्मीदवारों का नामांकन रद्द हो गया था. तब यह खबर बीबीसी के माध्यम से लोगों को शाम के समाचार बुलेटिन से मिली थी.

बीबीसी ने न्यूज को किया था ब्रेक

रात साढ़े सात बजे बीबीसी के एंकर ने समाचार सुनाते हुए कहा था कि भारत के बिहार राज्य में एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र है, जहां सभी उम्मीदवारों का नामांकन रद्द करना पड़ा है. वर्तमान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव सह पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सिंह बताते हैं कि यह बात वर्ष 1985 की है.

15-20 दिन बाद फिर से कराना पड़ा चुनाव

प्रमोद सिंह ने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद लातेहार विधानसभा (अब झारखंड में) सीट पर सभी पार्टियों के लोग अपने-अपने प्रत्याशियों के साथ नामांकन कराने पहुंचे थे. सभी उम्मीदवारों ने अपना-अपना नामांकन भरा. स्क्रूटनी के दिन सभी अनुमंडल कार्यालय पहुंचे, तो वहां पर उम्मीदवारों को पता चला कि सबका नामांकन रद्द कर हो गया है.

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सभी उम्मीदवारों ने जाति के कॉलम में भर दिया – हरिजन

लातेहार जिला बार काउंसिल के अध्यक्ष सह अधिवक्ता राजमणि प्रसाद ने बताया कि उस समय सभी उम्मीदवारों ने 4-4 सेट में पर्चा भरा था, लेकिन सभी उम्मीदवारों ने एक ही गलती की थी. सभी उम्मीदवारों ने जाति के कॉलम में हरिजन अंकित कर दिया था. इस कॉलम में उम्मीदवारों को बताना यह था कि यदि वह पासवान हैं, तो पासवान और राम हैं, तो राम लिखना अनिवार्य है. इन्हीं कारणों से अनुमंडल पदाधिकारी शीला किस्कू रपाज ने सभी का नामांकन रद्द कर दिया था. चुनाव आयोग ने 15-20 दिन बाद लातेहार विधानसभा सीट (अब झारखंड में) पर फिर से चुनाव कराया था.

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