गारू. प्रखंड के नक्सल प्रभावित मायापुर पंचायत के किसानों ने फसल को बचाने के लिए श्रमदान कर टूटने के कगार पर पहुंचे बांध की मरम्मत की. चार दिन तक हुई भारी बारिश के कारण बांध के टूटने का खतरा बढ़ गया था. बांध टूटने पर सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो जाती. इसे देखते हुए मायापुर गांव के किसानों ने किसी सरकारी सहायता का इंतजार किये बिना खुद ही बांध की मरम्मत करने का निर्णय लिया. ग्राम प्रधान अनुज तिर्की ने बताया कि बांध के टूटने से बभनी बांध के निचले हिस्से में लगी धान की फसल बर्बाद हो जाती. लगातार हो रही बारिश ने बांध के किनारों को कमजोर कर दिया था, जिससे तटबंध के टूटने का खतरा बढ़ गया था. बड़ी मायापुर, छोटी मायापुर और रामसेली गांव के किसानों ने एकजुट होकर बांध की मरम्मत की.
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