चंदवा़ स्थानीय पथ निर्माण विभाग के विश्रामागार परिसर में मंगलवार को एकल नारी शक्ति संगठन, झारखंड के बैनर तले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान एकल महिलाओं ने अपनी समस्याओं पर चर्चा करने के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया. क्षमता विकास और संघर्ष का संकल्प : कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फील्ड ऑर्गेनाइजर सुषमा मांगलिक ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य एकल नारियों की क्षमता का विकास करना है, ताकि वे समाज में सशक्त पहचान बना सकें. उन्होंने जोर देकर कहा कि सामाजिक कुरीतियों और रूढ़ियों से मुक्ति पाने के लिए निरंतर संघर्ष आवश्यक है. संगठन का प्रयास है कि एकल महिलाओं को उनकी योग्यता के अनुसार हर क्षेत्र में प्राथमिकता मिले. वीरांगनाओं के संघर्ष को किया याद : संगठन की इंद्रावती देवी के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में देश की महान महिला विभूतियों को याद किया गया. वक्ताओं ने कस्तूरबा गांधी, सावित्रीबाई फुले, फातिमा शेख, रानी लक्ष्मीबाई, फूलो-झानो और सिनगी दई के जीवन संघर्ष और उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला. प्रतियोगिता और सम्मान : कुर्सी रेस, जोड़ी खोज, बैलून फोड़, गोली चम्मच व सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के अलावे सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया. मौके पर राज्य कमेटी सदस्य प्रफुल्लित बागे, साइहुन टोप्पो, सूरजमनी देवी, नीलम देवी, सरोज देवी, जसपीन तिर्की, आरगेन टोप्पो, नयमाली खाखा, पिंकी देवी, विमला देवी समेत काफी संख्या में एकल महिलाएं मौजूद थीं.
एकल नारी को समाज के हर क्षेत्र में प्राथमिकता दिलाने का प्रयास जारी : सुषमा
एकल नारी को समाज के हर क्षेत्र में प्राथमिकता दिलाने का प्रयास जारी : सुषमा
