लातेहार ़ जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में प्रबंधन की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है. अस्पताल प्रशासन की इस लचर कार्यशैली का सीधा खामियाजा दूर-दराज से आने वाले गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. ताजा मामला शुक्रवार का है, जब सदर अस्पताल के ओपीडी में निर्धारित समय सुबह 9:00 बजे तक एक भी चिकित्सक अपनी कुर्सी पर नजर नहीं आयें. आलम यह था कि ओपीडी कक्ष के बाहर बीमार मरीज घंटों दर्द से कराहते रहे, लेकिन सिस्टम सोया रहा. सवा घंटे की देरी से पहुंचे डॉक्टर, मरीजों ने झेली परेशानी : शुक्रवार को ड्यूटी पर तैनात डॉ अनुपम कुमार सुबह 9:00 बजे के बजाय लगभग 10:20 बजे ओपीडी पहुंचे. इस दौरान आधा दर्जन से अधिक गंभीर मरीज डॉक्टर के इंतजार में प्रतीक्षालय की कुर्सियों पर लेटे दिखे. अमित कुमार, उर्मिला देवी, रश्मि कौर और सिमरन भाटिया जैसे कई मरीज सुबह से ही पर्ची कटवाकर कतार में लगे थे. लगभग सवा घंटे की देरी के बाद जब चिकित्सक पहुंचे, तब जाकर इलाज की प्रक्रिया शुरू हो सकी. सिमरन भाटिया ने बताया कि वह सुबह 9:00 बजे ही अस्पताल पहुंच गयीं थीं, लेकिन घंटों इंतजार के कारण उन्हें काफी मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ी. वहीं, कमर दर्द से पीड़ित उर्मिला देवी ने कहा कि खड़े रहने की शक्ति नहीं थी, इसलिए मजबूरी में फर्श और कुर्सियों का सहारा लेना पड़ा. राउंड पर थे, उपाधीक्षक बोले, देंगे निर्देश : देरी से पहुंचने के संबंध में पूछे जाने पर डॉ अनुपम कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि वह वार्ड के राउंड पर थे और भर्ती मरीजों का उपचार कर रहे थे, इस कारण ओपीडी पहुंचने में विलंब हुआ. इधर, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अमूल्य गुलाब लकड़ा ने कहा कि चिकित्सक संभवतः इमरजेंसी या वार्ड राउंड में व्यस्त रहे होंगे. उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी चिकित्सकों को निर्देश जारी किया जायेगा कि वे निर्धारित समय पर ओपीडी में उपस्थित रहकर मरीजों का इलाज सुनिश्चित करें.
सदर अस्पताल के ओपीडी में समय पर नहीं पहुंच रहे चिकित्सक, मरीज बेहाल
सदर अस्पताल के ओपीडी में समय पर नहीं पहुंच रहे चिकित्सक, मरीज बेहाल
