लातेहार ़ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत दलहन विकास निदेशालय, भोपाल के निदेशक डॉ महेश कुमार ने शुक्रवार को जिले का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग द्वारा संचालित फसल प्रदर्शन और फसल कटनी प्रयोग कार्यों का सघन निरीक्षण किया. डॉ कुमार ने प्रगतिशील किसानों, एफपीओ और तकनीकी प्रबंधकों से दलहन बीज उत्पादन की वर्तमान स्थिति और प्रगति की विस्तृत जानकारी ली. छिड़काव नहीं, लाइन सोइंग विधि से करें बुआई : निरीक्षण के दौरान निदेशक ने किसानों को उन्नत खेती के गुर सिखाये. उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि दलहनी फसलों की बुआई में पारंपरिक छिड़काव विधि का प्रयोग बंद करना चाहिए. इसके स्थान पर हमेशा ””””लाइन सोइंग”””” (कतारबद्ध बुआई) विधि अपनानी चाहिए. इससे न केवल फसल का उत्पादन बढ़ता है, बल्कि उत्पादकता में भी गुणात्मक सुधार होता है. उन्होंने कहा कि तकनीकी सुधार से ही जिले को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है. मौके पर रांची आत्मा के उप परियोजना निदेशक सप्तमी कुमार झा, लातेहार आत्मा के उप परियोजना निदेशक कंचन कुमार सुमन, जिला परामर्शी बलवीर सिंह, कृषि निरीक्षक कमल कुमार उरांव के अलावा लातेहार, मनिका, चंदवा, हेरहंज एवं सरयू प्रखंड के सहायक तकनीकी प्रबंधक समेत काफी संख्या में किसान उपस्थित थे.
दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता को लेकर निदेशक ने किया निरीक्षण
दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता को लेकर निदेशक ने किया निरीक्षण
