बरवाडीह़ संयुक्त ग्राम सभा मंच के तत्वावधान में सोमवार को वनाधिकार दावों के निष्पादन और जल-जंगल-जमीन पर हक को लेकर अंचलाधिकारी की अनुपस्थिति में अंचल निरीक्षक को मांग पत्र सौंपा गया. ग्राम मंडल से लातेहार तक आयोजित 10 दिवसीय पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ता बरवाडीह अंचल कार्यालय पहुंचे और अपनी आवाज बुलंद की. लंबित दावों पर उठाये सवाल : मंच का नेतृत्व कर रहे जिप सदस्य कन्हाई सिंह और समाजसेवी श्यामली शर्मा ने कहा कि लातेहार जिला वनाधिकार दावों के निष्पादन में राज्य में पिछड़ गया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 7384 दावों में से 3599 अब भी प्रशासन के पास लंबित हैं. इनमें 1800 व्यक्तिगत और शेष सामुदायिक अधिकार से जुड़े मामले हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पेसा कानून और वनाधिकार कानून की अनदेखी कर ग्रामीणों को पुश्तैनी जमीन से बेदखल करने की साजिश हो रही है. विस्थापन और अधिकारों के हनन का आरोप : नेताओं ने कहा कि उत्तर कोयल जलाशय परियोजना के नाम पर सात गांवों के 780 परिवारों पर विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है. वहीं, पीटीआर क्षेत्र में टाइगर सफारी और अन्य परियोजनाओं के बहाने ग्रामीणों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है. प्रशासन से प्रमुख मांगें : अंचल निरीक्षक को सौंपे ज्ञापन में मांग की गयी है कि लंबित दावों पर शीघ्र निर्णय लेकर अधिकार पत्र निर्गत किये जायें. साथ ही, ग्रामसभा की अनुमति के बिना कोई भी परियोजना शुरू न करने और ग्रामीणों पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लेने की मांग की गयी है. मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता उपस्थित थे.
3599 दावे लंबित होने पर नाराजगी, जल-जंगल-जमीन पर ग्रामसभा के अधिकार की मांग
3599 दावे लंबित होने पर नाराजगी, जल-जंगल-जमीन पर ग्रामसभा के अधिकार की मांग
