लातेहार ़ नगर पंचायत चुनाव काे लेकर शहर में दिन भर गहमा-गहमी रही. नगर पंचायत के सभी 22 मतदान केंद्रों पर चुनाव को लेकर मतदाताओं में उत्साह देखा गया. सुबह से ही नगर पंचायत के कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ लगने लगी थी. वार्ड नंबर 1 करकट, वार्ड नंबर 2 बानपुर और वार्ड नंबर 4 डुरूआ में सुबह से ही मतदाताओ की लंबी कतार लगी थी. जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक रही. जबकि कई मतदान केंद्रों पर 11 बजे के बाद मतदाताओं का आना शुरू हुआ. वार्ड संख्या 10 आंगनबाड़ी केंद्र अंबाकोठी में दोपहर दो बजे के बाद मतदाताओं की लंबी कतार लगी. जो चुनाव की निर्धारित समय तक लगी रही. वार्ड संख्या 10 में सबसे कम 680 मतदाता हैं. इस कारण मतदान की प्रक्रिया काफी धीमी रही. मतदान केंद्र सीएम उत्कृष्ट विद्यालय में मतदान केंद्र बनाया गया था. यहां मतदाता इक्का-दुक्का आते रहे और मतदान करते रहे. सभी केंद्रों पर थी पुलिस की व्यवस्था : नगर पंचायत के सभी 22 मतदान केंद्रों पर जिला पुलिस एवं आइआरबी के जवान तैनात थे. जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल थे. चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने में पुलिस बल का सराहनीय योगदान रहा. दिव्यांग एवं बुजुर्ग मतदाताओं को पुलिस के जवानों ने पकड़कर व्हील चेयर पर बैठकार मतदान की प्रक्रिया संपन्न कराया. शहर में पसरा रहा सन्नाटा : नगर पंचायत चुनाव को लेकर शहर में सुबह में सन्नाटा पसरा रहा. हालांकि दोपहर एक बजे के बाद कई दुकानें खुली. इसके बाद जन जीवन सामान्य हुआ. चुनाव को लेकर शहर के सभी चौक-चौराहों पर वोट की गतिविधियों की जानकारी लेने के लिए लोग प्रत्याशियों के समर्थको से संपर्क करते रहे. कई लोग स्वयं जाकर कई मतदान केंद्र के बाहर वोट की गतिविधियों की जानकारी लेते देखे गये. घुमते रहे सभी प्रत्याशी : नगर पंचायत चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी महेश सिंह, मिल्यानी कुजूर, भगतु नगेसिया, सूर्यदेव भगत, कुमारी नीना तिर्की, बैजंती देवी व बिलासी तोपनो शहर के सभी मतदान केंद्रों का भ्रमण करते रहे. जबकि वार्ड पार्षद पद के प्रत्याशी भी अपने वार्ड क्षेत्र में चुनाव के दौरान भ्रमण कर मतदाताओं से अपने पक्ष में वोट देने की अपील करते देखे गये. इसके अलावा अध्यक्ष और वार्ड पार्षद पद के समर्थकों की टोली भी चुनाव के दौरान अपने-अपने मतदान केंद्रों पर सक्रिय रहे.
सुबह से ही कई मतदान केंद्रों पर लगने लगी थी भीड़
सुबह से ही कई मतदान केंद्रों पर लगने लगी थी भीड़
