सीएचओ पर इलाज में लापरवाही का आरोप, हंगामा

किडनी रोग से ग्रसित एक मरीज का इलाज सोमवार की रात स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया था. यहां से मरीज को रिम्स रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.

बालूमाथ. किडनी रोग से ग्रसित एक मरीज का इलाज सोमवार की रात स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया था. यहां से मरीज को रिम्स रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. इधर, मृतक के परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गलत इलाज का आरोप लगाया है. स्थानीय हीराकांत गुप्ता के अनुसार उनके बड़े भाई ताराकांत गुप्ता (28) किडनी रोग से ग्रसित थे. सोमवार की रात साढ़े 11 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी. इसके बाद मरीज को सीएचसी लाया गया. यहां सीएचओ (कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर) दीपक कुमार ने इलाज किया, जिसके बाद तबीयत अधिक बिगड़ने लगी. इसके बाद हंगामा हुआ. मामला बढ़ता देख करीब डेढ़ बजे रात में आयुष चिकित्सक डॉ सुरेंद्र कुमार पहुंचे. उन्होंने मरीज को रेफर कर दिया. परिजनों के अनुसार एमबीबीएस चिकित्सक इमरजेंसी ड्यूटी में रहते, तो मरीज की जान बच सकती थी. उन्होंने रात्रि ड्यूटी में सीएचओ को हटाकर एमबीबीएस चिकित्सक की तैनाती करने व लापरवाही बरतनेवाले कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है. क्या कहते हैं सीएचओ व प्रभारी: सीएचओ दीपक कुमार ने कहा कि उन्हें प्रभारी ने रात्रि ड्यूटी में लगाया था. उन्होंने अपनी ड्यूटी की है. वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रकाश बड़ाइक ने कहा कि यहां चिकित्सकों की कमी है. विवशता के कारण इमरजेंसी ड्यूटी में सीएचओ को लगाया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ANUJ SINGH

ANUJ SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >