नगर पंचायत चुनाव के बाद अब जीत-हार के अंकगणित में उलझे दिग्गज

नगर पंचायत चुनाव के बाद अब जीत-हार के अंकगणित में उलझे दिग्गज

लातेहार ़ लातेहार नगर पंचायत चुनाव का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद अब चौक-चौराहों पर हार-जीत की चर्चाएं तेज हो गयीं हैं. हालांकि, यह चुनाव दलीय आधार पर नहीं था, लेकिन भाजपा, झामुमो और राजद जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने समर्थित प्रत्याशियों के पक्ष में पूरी ताकत झोंक दी थी. अब प्रत्याशी और उनके समर्थक वोट काटने और जोड़ने के गणित में व्यस्त हैं. शहर से गांव तक चुनावी चर्चा : मतदान खत्म होते ही शहर के पानी टंकी मोड़, शिवम कॉम्प्लेक्स, थाना चौक और सरस्वती होटल जैसी जगहों पर चर्चाओं का बाजार गर्म है. यह सरगर्मी केवल शहरी इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों जैसे होटवाग और इचाक में भी लोग चुनावी नतीजों का आकलन कर रहे हैं. सबकी निगाहें मुख्य रूप से अध्यक्ष पद पर टिकी हैं, जहां त्रिकोणीय मुकाबले के आसार दिख रहे हैं. प्रतिष्ठा की लड़ाई बना चुनाव : इस चुनाव को राजनीतिक दलों ने अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया था. भाजपा के पक्ष में दो पूर्व मुख्यमंत्रियों, राज्यसभा सांसद, पूर्व मंत्रियों और वर्तमान व पूर्व विधायकों ने धुआंधार प्रचार किया. वहीं, झामुमो की ओर से पूर्व मंत्रियों और जिला अध्यक्ष ने कमान संभाली थी. राजद ने भी अपने समर्थित उम्मीदवारों के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया. भारी-भरकम प्रचार अभियान के बाद अब कयासों का दौर जारी है. हर कोई कर रहा है अपनी जीत का दावा : अध्यक्ष पद से लेकर वार्ड पार्षदों तक, हर कोई अपनी जीत का दावा कर रहा है. फिलहाल, मतपेटियां सील हैं और प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं. हार और जीत की यह धुंध 27 फरवरी को मतगणना के बाद पूरी तरह साफ हो जायेगी. उसी दिन तय होगा कि जनता ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना और किसके दावों में कितनी सच्चाई थी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >