लातेहार ़ सदर थाना क्षेत्र के कैमा ग्राम में गत पांच मार्च को पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई हिसंक झड़प कांड में कैमा, सोहदाग, विश्रामपुर, बिछिया टाेंगरी व कोटारी गांव के 71 लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी है. जबकि 400 अज्ञात लोग पर भी प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. पुलिस निरीक्षक सह सदर थाना प्रभारी प्रमोद सिन्हा के आवेदन पर सदर थाना कांड सख्ंया 39/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. यह प्राथमिकी मंगल देव उरांव, सतीश भगत, मुनेश्वर भगत, जोहन भगत, महेश टाना भगत, निर्मल टाना भगत, रामधारी भगत, धर्मेन्द्र टाना भगत, संदीप उरांव, सविला देवी, करमदेव भगत, महेन्द्र भगत, बुना भगत, रामदास भगत, निर्मल भगत, अनिल उरांव, सीधराम भगत, बहादुर टाना भगत, दिनेश टाना भगत, लीलमनी टाना भगत, जमुना टाना भगत, कपिलदेव भगत, कामेश्वर टाना भगत, मनोज भगत, मनोज उरांव, बुधे उरांव, दुर्गा भगत, सुबेदार भगत, सतीश भगत, संदीप टाना भगत, शिव चरण टाना भगत, रामधारी टाना भगत, संजय उरांव, रामेश्वर उरांव, नीलमनी भगत, शीला देवी, फुलमनी कुजूर, शामिला देवी, ललिता भगत, साहबीर टाना भगत, किशुन उरांव, महादेव उरांव, राजेश भगत, इंद्रदेव भगत, मांजो उरांव, रवि भगत, सकिंदर भगत, रमेश भगत, शीतलाल भगत, जवाहिर उरांव, राजेंद्र टाना भगत, बलराम उरांव, धर्मेंद्र भगत, संजय उरांव, बालेश्वर उरांव, हरेंद्र उरांव, बिछेंद्र उरांव, राजीव उर्फ राजू उरांव, संतोष उरांव, सुनीता देवी, राजो देवी, सरीता देवी, शालमनी देवी, चंद्रमनी देवी, सावित्रि देवी, कमलापति देवी, जगमनी देवी, सोनवा टाना भगत व सुलेंद्र उरांव पर नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. इन सभी पर अनुसंधान कार्य हेतुु किये जा रहे सरकारी कार्य में गैर कानूनी तरीके से मजमा बनाकर पुलिस पार्टी को अवरूद्ध करना, परंपरागत हथियारो एवं ईटा- पत्थर से पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने, जवान को जान मारने की नियत से अपहरण करने तथा उसपर जानलेवा हमला करने, पुलिसकर्मी से हथियार छीनने, मोबाईल एवं गाड़ी की चाभी छीन लेने दबाब बनाकर मनमुताबिक कागज पर हस्ताक्षर करा लेने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. क्या है मामला : ज्ञात हो कि पिछले पांच मार्च को कैमा गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इस झड़प में पुलिस के 15 जवान घायल हो गये थे. इनमे से तीन जवान को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया था. पुलिस के अनुसार पुलिस गांव में ग्रामीणों के द्वारा कोयला खनन कार्य करने वाली कंपनी का ड्रोन जब्त कर लिया था. उसी ड्रोन कैमरे को मुक्त कराने पुलिस गांव पहुंची थी. लेकिन वहां ग्रामीणो ने पुलिस पर पत्थर और ईंट आदि से हमला कर दिया था. जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस बिना कुछ कहे गांव के दो लोगों को पकड़ कर लेे जा रही थी. बाद में पुलिस के द्वारा लाठी चार्ज भी किया गया था. इसी आत्मरक्षार्थ उन्होने जवाबी कार्रवाई की थी.
पुलिस व ग्रामीणों के बीच हुई हिसंक झड़प में 71 लोग नामजद और कई अज्ञात पर केस दर्ज
पुलिस व ग्रामीणों के बीच हुई हिसंक झड़प में 71 लोग नामजद और कई अज्ञात पर केस दर्ज
