26 मई को घाघरी नदी में डूब गया था मंटू उरांवचंदवा. सासंग पंचायत के कीता गांव अंतर्गत घाघरी टोला निवासी मंटू उरांव (22) की मौत 26 मई को घाघरी नदी में डूबने से हो गयी थी. शव को आठ दिन भी नदी से नहीं निकाला जा सका है. परिजनों ने जिला पुलिस-प्रशासन से शव निकालने के लिए गोताखोर बुलाने की मांग की थी. परिजनों के अनुरोध पर प्रशिक्षु पुलिस अधीक्षक सह चंदवा थानेदार हरि लाल चौहान ने 30 मई को उपायुक्त व एसपी को पत्र लिख कर गोताखोर बुलाने का अनुरोध किया है. उधर, ग्रामीण व परिजन भी शव की खोज में लगे हैं. गरीब के कब मदद मिली : ललसहायनदी में डूबे मंटू के पिता ललसहाय उरांव ने रोते हुए कहा कि गरीब के कब सरकार व प्रशासन से मदद मिली, पता नखे. हमर बेटा तो अब दुनिया में नइ रहलक. लाश मिलित तो सरना रीति से संस्कार कर संतोष करती. वहीं घटना के आठ दिन बाद भी गांव में किसी अधिकारी के नहीं पहंुचने पर लोगों में रोष है.
शव निकालने के लिए गोताखार बुलाने का अनुरोध
26 मई को घाघरी नदी में डूब गया था मंटू उरांवचंदवा. सासंग पंचायत के कीता गांव अंतर्गत घाघरी टोला निवासी मंटू उरांव (22) की मौत 26 मई को घाघरी नदी में डूबने से हो गयी थी. शव को आठ दिन भी नदी से नहीं निकाला जा सका है. परिजनों ने जिला पुलिस-प्रशासन से शव निकालने […]
