न्यायिक दंडाधिकारी ने दी गवाही

लातेहार. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार वैश्य की अदालत में विचाराधीन सड़क लूट एवं गैंग रेप की शिकार महिला पुलिस कांस्टेबल कांड में पीडि़ता का बयान कलमबद्घ, स्थल जांच, पहचान परेड तथा डीएनए टेस्ट में अभियुक्तों के रक्त संग्रहण में बतौर प्रतिनियुक्त न्यायिक दंडाधिकारी वर्तमान अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी कौशिक मिश्रा ने अपनी गवाही […]

लातेहार. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार वैश्य की अदालत में विचाराधीन सड़क लूट एवं गैंग रेप की शिकार महिला पुलिस कांस्टेबल कांड में पीडि़ता का बयान कलमबद्घ, स्थल जांच, पहचान परेड तथा डीएनए टेस्ट में अभियुक्तों के रक्त संग्रहण में बतौर प्रतिनियुक्त न्यायिक दंडाधिकारी वर्तमान अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी कौशिक मिश्रा ने अपनी गवाही कलमबद्घ करायी. लगभग दो घंटे तक चली गवाही एवं जिरह में श्री मिश्रा ने मामले के अनुसंधान के क्रम में 29 अगस्त 2013 को सभी पांच आरोपियों की पहचान परेड, 30 अगस्त 2013 को पीडि़ता की धारा 164 दप्रस के तहत बयान कलमबद्घ करने, 31 अगस्त 2013 को अपराधियों से बरामद लूट सामग्रियों की पहचान परेड तथा स्थानीय स्थल जांच एवं चार सितंबर 2013 को मंडल कारा में बंद अभियुक्त अनिल उरांव एवं मतिक उरांव का डीएनए टेस्ट हेतु रक्त संग्रहण में प्रतिनियुक्त न्यायिक दंडाधिकारी की भूमिका को समर्पित किया. उन्होंने अदालत को बताया कि तत्कालीन मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अरुण कुमार गुप्ता के निर्देश पर उन्होंने इस कांड में मजिस्टे्रट की भूमिका निभायी थी. श्री मिश्रा ने गवाही में बताया कि घटना में शामिल मुकेश उरांव अन्य अपराधियों को पीडि़ता के साथ दुष्कर्म करने से रोक रहा था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >