ओके....टोरी-शिवपुर रेल परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण पर कंपनी ने कहा

हेडलाइन….रेल लाइन का एलाइनमेंट बदला नहीं जा सकता लातेहार. टोरी-शिवपुर रेल परियोजना में जिले की 150.765 एकड़ रैयती, 166.43 एकड़ गैर मजरूआ तथा 64.33 एकड़ जंगल- झाड़ खतियान की भूमि हस्तांतरित की गयी है. उक्त आंकड़े में गैर मजरूआ भूमि, जो अभिजीत ग्रुप प्लांट के बीचोबीच पड़ती है, इस पर रेल लाइन का सर्वे कर […]

हेडलाइन….रेल लाइन का एलाइनमेंट बदला नहीं जा सकता लातेहार. टोरी-शिवपुर रेल परियोजना में जिले की 150.765 एकड़ रैयती, 166.43 एकड़ गैर मजरूआ तथा 64.33 एकड़ जंगल- झाड़ खतियान की भूमि हस्तांतरित की गयी है. उक्त आंकड़े में गैर मजरूआ भूमि, जो अभिजीत ग्रुप प्लांट के बीचोबीच पड़ती है, इस पर रेल लाइन का सर्वे कर रही कंपनी का कहना है कि रेल लाइन का एलाइनमेंट बदला नहीं जा सकता है. यदि बदलना पड़ा, तो परियोजना कई माह पीछे चली जायेगी और दूरी भी बदल जायेगी. मालूम हो कि उक्त रेल लाइन प्लांट के बीच से गुजरेगी और प्लांट का कई विभागों का भवन तोड़ना पड़ेगा. रेल लाइन के किनारे लगभग 100 फीट कल- कारखाना नहीं लग सकता है. जबकि अभिजीत पावर प्लांट का मुख्य कारखाना महज 20 फीट की दूरी पर स्थित होगा. रेल लाइन का मामला आने से अभिजीत ग्रुप का कारखाना चालू होने पर प्रश्न चिह्न खड़ा हो गया है. अभिजीत ग्रुप को अनाबाद बिहार सरकार भूमि गलत ढंग से अंतरित कर दी गयी थी तथा कंपनी द्वारा निर्माण किये जाने पर कोई रोक भी नहीं लगायी जा रही थी. मालूम हो कि टोरी-शिवपुर-कथौटिया रेल परियोजना को चालू वर्ष में चालू करने की दिशा में पीएमओ काफी गंभीर है तथा इस दिशा में कार्य प्रग्२ाति पर है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >