बरवाडीह. प्रखंड कार्यालय परिसर के सामने विस्थापितों के लिए बनायी गयी दुकानों का 30 माह बाद भी भाड़ा तय नहीं हुआ है. इससे विस्थापित दुकानों का भाड़ा सरकार को नहीं दिया जा रहा है. जानकारी के अनुसार प्रख्ंाड सह अंचल कार्यालय परिसर के सामने कई दुकानदार छोटी-छोटी दुकान बना कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं. दुकानदारों को अतिक्रमण के नाम पर बेदखल कर दिया जा रहा था. ऐसे में तत्कालीन सांसद इंदर सिंह नामधारी व तत्कालीन उपायुक्त के प्रयास से सभी विस्थापितों को पहचान कर पोषित योजना के तहत सभी दुकानदारों के पैसे से ही कमेटी का गठन कर दुकान का निर्माण किया गया. दुकान बनने के 30 माह बाद भी दुकानदारों का भाड़ा नहीं वसूला जा रहा है. सरकार के उदासीन रवैये के बावजूद सांसद श्री नामधारी ने बनायी गयी दुकानों को सर्वसम्मति से वितरण कर दुकानदारों की दुकान की चाबी सौंप कर स्थापित तो कर दिया, लेकिन जिला प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण दुकान में रह रहे विस्थापितों से भाड़ा वसूली नहीं किया जा रहा है. दुकानदारों ने भाड़ा वसूली को लेकर वर्तमान अंचल पदाधिकारी समेत पूर्व अधिकारियों से मिल कर गुहार लगायी है, लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है. विस्थापित दुकानदारों की चिंता बढ़ती जा रही है. क्योंकि सरकारी पैसा को एक न एक दिन उसे जमा करना है. एक समय अधिक भाड़ा जमा करने में सभी दुकानदारों को काफी परेशानी होगी. दुकानदारों ने लातेहार के नये उपायुक्त बाल मुकुंद झा का ध्यान इस ओर दिलाते हुए बनायी गयी दुकानों का एकरारनामा करते हुए भाड़ा निर्धारित करने की मांग की है.
...30 माह बाद भी तय नहीं हुआ दुकानों का भाड़ा
बरवाडीह. प्रखंड कार्यालय परिसर के सामने विस्थापितों के लिए बनायी गयी दुकानों का 30 माह बाद भी भाड़ा तय नहीं हुआ है. इससे विस्थापित दुकानों का भाड़ा सरकार को नहीं दिया जा रहा है. जानकारी के अनुसार प्रख्ंाड सह अंचल कार्यालय परिसर के सामने कई दुकानदार छोटी-छोटी दुकान बना कर अपना जीवन यापन कर रहे […]
