डाक वितरण सेवा ठपप्रतिनिधि, चंदवाअखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक कर्मचारी संघ के आह्वान पर 10 मार्च से ग्रामीण डाक सेवकों की बेमियादी हड़ताल शुरू हो गयी. पहले दिन शाखा डाकघर चंदवा के समक्ष सभी डाक सेवक बैठे रहे. इस हड़ताल से शहर समेत ग्रामीण इलाकों में डाक वितरण सेवा पूरी तरह ठप हो गयी है. कर्मियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने छह सूत्री मांगों पर अब तक विचार नहीं किया, नतीजतन हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ा. मौके पर नित्यानंद सिंह, ग्यास खान, सरवर खान, रघुवीर सिंह, सरयुधर लाल भगत, मुकेश प्रसाद, कन्हाई यादव, देवनाथ उरांव, अर्जुन प्रसाद, हिमांशु रजक, इरफान खान समेत कई लोग मौजूद थे. क्या है मांग : ग्रामीण डाक सेवकों की छह सूत्री मांग में सेवानिवृत्त न्यायाधीश व उच्च न्यायालय की अध्यक्षता में 21 फरवरी 2014 को हुए समझौते को लागू करना, सेवकों का विभागीय करण करते हुए सभी सुविधा उपलब्ध कराना, पोस्ट मैन व ग्रुप डी की नियुक्ति नियमों को बंद कर 1989 के नियमों को लागू करना, अनुकंपा नियुक्ति में लाये गये प्वाइंट सिस्टम को बंद करना, कैश कन्वेंस का अलाउंस बढ़ाने व नकदी रकम 20 हजार रुपये से घटा कर पांच हजार रुपये करने तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करना शामिल है.
ग्रामीण डाकसेवकों की हड़ताल शुरू
डाक वितरण सेवा ठपप्रतिनिधि, चंदवाअखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक कर्मचारी संघ के आह्वान पर 10 मार्च से ग्रामीण डाक सेवकों की बेमियादी हड़ताल शुरू हो गयी. पहले दिन शाखा डाकघर चंदवा के समक्ष सभी डाक सेवक बैठे रहे. इस हड़ताल से शहर समेत ग्रामीण इलाकों में डाक वितरण सेवा पूरी तरह ठप हो गयी है. […]
