लातेहार ़ जिला मुख्यालय स्थित श्री वैष्णव दुर्गा मंदिर परिसर में रविवार को झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोईया संघ का जिला स्तरीय सम्मेलन संपन्न हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष सह जिला प्रभारी देवकी देवी ने की. इस सम्मेलन में जिले भर से आयी सैकड़ों रसोईया व संयोजिकाओं ने अपनी बदहाली और सरकारी उपेक्षा पर आक्रोश व्यक्त किया. उचित संसाधन और मानदेय का अभाव : बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों का निवाला तैयार करने वाली रसोईया आज खुद बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही हैं. उन्होंने कहा कि जिले के स्कूलों में न तो पर्याप्त ईंधन की व्यवस्था है और न ही शुद्ध पेयजल की. उन्होंने इस संबंध में जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसइ) से वार्ता कर समस्याओं के त्वरित निष्पादन का भरोसा दिलाया. न्यूनतम वेतन और बीमा की उठी मांग : अध्यक्षता कर रही देवकी देवी ने जोर देकर कहा कि रसोईया को अविलंब न्यूनतम वेतनमान के दायरे में लाया जाये. उन्होंने वर्ष 2021 से लंबित सुविधाओं को बहाल करने तथा संयोजिका व अध्यक्ष को भी रसोईया के तर्ज पर मानदेय देने की मांग की. उन्होंने कहा कि कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर उचित इलाज व मुआवजे की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए. सम्मेलन के समापन पर संघ ने पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम को सात सूत्री मांग पत्र सौंपा. मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अजीत प्रजापति, अनीता देवी केसरी, जिला अध्यक्ष शहीदा बीबी, सचिव सुनीता कुजूर, चिंता देवी, कोमल देवी, बसंती तिर्की, आशा नगेसिया व महेंद्र राम समेत काफी संख्या में सदस्य उपस्थित थे.
स्कूलों में न तो पर्याप्त ईंधन और न ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है : बैद्यनाथ राम
स्कूलों में न तो पर्याप्त ईंधन और न ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है : बैद्यनाथ राम
