चंदवा : टाना भगत समुदाय का विकास ही निंद्रा के नौ स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. अंग्रेजों से लोहा लेते देश को आजाद कराने वाले सपूतों को शत-शत नमन करता हूं. आज भी टाना भगत समुदाय महात्मा गांधी के आदर्शो पर चल रहा है. जो गर्व की बात है. हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए. निंद्रा की धरती वीर सपूतों की धरती है.
उक्त बातें क्षेत्रीय विधायक प्रकाश राम ने चंदवा प्रखंड के कारीटांड़ (निंद्रा) में स्वतंत्रता सेनानी जयंती समारोह में कही. श्री राम ने कहा कि डुमारो पंचायत के सभी गांवों का दौरा कर जन समस्याओं का निदान किया जायेगा. उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास करना ही मेरा दायित्व है. इससे पूर्व विधायक श्री राम, जिप सदस्य मोहन गंझू, इंटक नेता संतोष सिंह, मुखिया सुनीता देवी का टाना समुदाय ने पारंपरिक विधि से स्वागत किया गया. मांदर की थाप पर अतिथि वेदी स्थल पहुंचे. शहीद स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र पर पुष्पांजलि कर नमन किया. इसके बाद नौ स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में स्वतंत्रता सेनानी चौक का नारियल तोड़ कर उदघाटन किया. मौके पर चरखा अंकित तिरंगा झंडा फहराया गया. लोगों ने राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन किया. समारोह का संचालन रामवि निंद्रा के शिक्षक सुशील तिवारी ने किया. शनि टाना भगत का जन्म 19 फरवरी को ही हुआ था. इसलिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रखंड के निंद्रा बेलगड़ा, ढोटी गांव में नौ स्वतंत्रता सेनानी ने जन्म लिया था.
मौके पर शिवव्रत दुबे, श्रीराम शर्मा, धनेश्वर सिंह, रंका टाना भगत, चलितर टाना भगत, लक्ष्मण टाना भगत, बिरसा टाना भगत, कुसिया टाना भगत, रामजीत टाना भगत, सुशील टाना भगत, एतवा टाना भगत, जागृति विहार के संस्थापक एस उपाध्याय, टाना भगत उच्च विद्यालय के एचएम मुखदेव गोप, जिपस मोहन गंझू, मुखिया सुनीता देवी, विकास भगत, स्वीडन निवासी मार्कोस, कर्नल बक्शी की पुत्री ओपी बक्शी (लंदन), संतोष सिंह समेत विजय दुबे, विनोद कुमार गुड्डू, सुरेश यादव, मो एहसान, राम प्रसाद साहू, चारो राज भगत, राम विलास गोप, कैप्टन आरके प्रसाद, आदर्श उवि के आरके शुक्ला समेत बड़ी संख्या में टाना भगत व ग्रामीण मौजूद थे.
महात्मा गांधी के सच्चे अनुयायी है टाना भगत: निंद्रा (चंदवा) गांव में भोला टाना भगत का जन्म 12 अगस्त 1869 को हुआ. उसी वर्ष महात्मा गांधी का भी जन्म हुआ था. उन्हीं के विचारों की प्रेरणा व कई मुलाकातों ने भोला टाना भगत को बापू का अनुयायी बना दिया.
स्वतंत्रता संग्राम में सत्य व अहिंसा की लड़ाई में उनके साथ कूद पड़े. उनके बाद बिरसा टाना भगत (14 नवंबर 1881), शनि टाना भगत (19 फरवरी 1882), मकू टाना भगत (8 जुलाई 1883), साधु टाना भगत (25 फरवरी 1884), एतवा टाना भगत (28 दिसंबर 1886), थीबड़ा टाना भगत (26 जनवरी 1888), फोलवा टाना भगत (19 फरवरी 1897) व छोटेया टाना भगत (12 दिसंबर 1899) देश के स्वतंत्रता आंदोलन में कूद अपने प्राण न्योछावर कर दिया. आज भी टाना भगत समुदाय उन परंपराओं को जीवित रखे हैं. आज भी चरखा अंकित तिरंगा झंडा व सफेद वस्त्र उनकी पहचान है. मांस-मदिरा से ये लोग कोसों दूर है. यह जगह चंदवा प्रखंड मुख्यालय से पूरब दिशा में 22 किमी दूरी पर स्थित है.
टाना भगतों व खिलाड़ियों ने किया सम्मानित: समारोह में अंडर-19 महिला फुटबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी रूपंती कुमारी व सावित्री कुमारी समेत पूरी टीम ने विधायक श्रीराम का स्वागत किया. स्वागत गीत गाये व बुके भेंट किया. टाना भगतों ने शॉल ओढ़ा कर विधायक को सम्मानित किया.
मांग पत्र सौंपा: डुमारो मुखिया सुनीता देवी ने विधायक को 10 सूत्री ज्ञापन सौंपा. विधायक ने इन मांगों पर अमल करने की बात कहीं.
