चंदवा : शहर की वाटर लाइफ लाइन समङो जाने वाले अलौदिया नाला का अस्तित्व खतरे में है. शहर का सारा कचरा इसी नाले में फेंका जा रहा है. बदबू से पास फटकना मुश्किल है. इसी नाले पर जगराहा डैम निर्भर है.
लगातार हो रही भराई के कारण नाला इन दिनों नाली की शक्ल लेता जा रहा है. साथ ही आस-पास के लोगों द्वारा लगातार अतिक्रमण भी जारी है. कई बार इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की गयी. नतीजा सिफर रहा.
जल जागरूकता अभियान सह देवनद बचाओ आंदोलन के प्रणोता सरयू राय ने भी इस नाले की बदहाली को देखा है. तात्कालीन सीओ कामदेव रजक ने प्रक्रिया शुरू की थी. उनके तबादले के साथ ही फाइल ठंडे बस्ते में चली गयी. नाला से सटे नेता जी सुभाष चौक की स्थिति जजर्र हो चुकी है.
बताते चले कि प्रखंड में बस व टैक्सी स्टैंड नहीं है. नतीजतन बस व ऑटो यहीं रुकती व खुलती है. अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है. सरकारी रैन बसेरा स्थानीय लोगों के कब्जे में है. यात्री बैठें, तो कहां. नागरिकों ने जिला प्रशासन से नाला व जगराहा डैम की सफाई व अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है. नेता जी सुभाष चौक पर नित्य लगने वाले जाम से निजात हेतु यातायात पुलिस बहाल करने की मांग भी धरी की धरी रह गयी.
