दस-दस किलोमीटर पैदल चले मतदानकर्मी, ताकि लोकतंत्र मजबूत हो, सबके दृढ़ संकल्प से ही पूरा होता है यह महापर्व

आशीष टैगोर लातेहार : लोकतंत्र के महापर्व के प्रथम चरण को संपन्न कराने में मतदानकर्मियों की अहम भूमिका रही. दुरूह परिस्थितियों में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. नक्सल प्रभावित इलाकों में भी दस-दस किलोमीटर पैदल चल कर बूथों पर पहुंचे. यहीं नहीं इवीएम का बोझ अलग से अपने कंधे पर उठाया. ऐसा ही नजारा शनिवार […]

आशीष टैगोर
लातेहार : लोकतंत्र के महापर्व के प्रथम चरण को संपन्न कराने में मतदानकर्मियों की अहम भूमिका रही. दुरूह परिस्थितियों में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. नक्सल प्रभावित इलाकों में भी दस-दस किलोमीटर पैदल चल कर बूथों पर पहुंचे. यहीं नहीं इवीएम का बोझ अलग से अपने कंधे पर उठाया. ऐसा ही नजारा शनिवार को लातेहार के बारियातू प्रखंड में देखने को मिला. गोनिया कलस्टर के नावाडीह मतदान केंद्र में मतदान कर्मी दस किलोमीटर पैदल चल कर मतदान कराने पहुंचे. इसके बावजूद मतदान कर्मियों के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी.
चेहरे पर शिकन तक नहीं थी, वोटरों को देख मिला सुकून
गोनिया से नावाडीह तक पैदल चले : विनय
मतदान कर्मी विनय कुमार बादल ने बताया कि उन्हें वाहन द्वारा गोनिया कलस्टर तक लाया गया. इसके बाद उन्हें नावाडीह स्थित मतदान केंद्र जाने का निर्देश दिया गया. गोनिया से नावाडीह मतदान केंद्र की दूरी 10 किलोमीटर थी. नावाडीह मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए उन्हें पूरी सुरक्षा दी गयी थी. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वे नावाडीह मतदान केंद्र पहुंचे. मतदान संपन्न कराने के बाद फिर कड़ी सुरक्षा के बीच पैदल वापस गोनिया कलस्टर पहुंचे. रात्रि विश्राम के बाद रविवार को इवीएम वज्रगृह में जमा कराया. उन्होंने कहा कि लोगों ने बढ़-चढ़ कर मतदान किया. यह देख बहुत सुकून मिला.

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