लातेहार : विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त राजीव कुमार ने कहा कि जागरूकता ही रोगों की पहली दवा है. जागरूकता से ही जिला टीबी रोग से मुक्त हो सकेगा. टीबी एक संक्रमण रोग है जिससे लोग प्रभावित होते हैं. उन्होंने इसके थाम के लिए लक्ष्य निर्धारित कर टीबी रोगियों की पहचान करने एवं ससमय इलाज करने की बात कही. उन्होंने कहा कि टीबी अब लाइलाज नहीं है, पूरा कोर्स करने के बाद टीबी जड़ से ठीक हो सकती है.
मौके पर सिविल सर्जन डॉ एसपी शर्मा ने बताया कि जिले में चिह्नित यक्ष्मा के मरीजों को दवा खाने के लिए सरकार की ओर से राशि प्रदान की जाती है. जिले में 665 रोगियों को टीबी रोग से ग्रसित रोगियों को चिह्नित किया गया है. जिन्हें अब तक 19 लाख 38 हजार 441 रुपये की राशि दी गयी है.
उन्होंने बताया कि टीबी रोग एक व्यक्ति से 11 व्यक्ति में फैल सकता है. मौके पर एसीएमओ डॉ सुरेन्द्र कुमार सिंह ने भी टीबी रोग के प्रति सजग रहने की बात कही. मौके पर जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ हरेनचंद्र महतो, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ अखिलेश्वर प्रसाद, डॉ सतीश पाठक, डॉ संतोष प्रसाद, डॉ लक्ष्मण प्रसाद, डॉ जमील अहमद, डॉ मनीष लाल, डीपीएम नाजिस अख्तर, करुणेश कुमार, संजय सिन्हा, गणेश उपाध्याय, अमेंद्र कुमार व प्रवीण कुमार समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे. कार्यक्रम में टीबी रोग से ग्रसित रोगियों को शॉल भेंट कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया.
