आदिवासी परंपरा से जुड़े रहने की है जरूरत : बंधन तिग्गा

बारियातू : डाढ़ा पंचायत के पुकचू करमाही सरना स्थल में गुरुवार को जिला स्तरीय दो दिवसीय सरना धर्म सम्मेलन का शुभारंभ हुआ. धर्म गुरु बंधन तिग्गा, पूर्व शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम के अलावा विजय यादव, कमले उराईन, सुनीता उराईन, सुखा उरांव व वीरेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से कलश पर द्वीप प्रज्वलित किया. सरनाधर्मावलंबियों को […]

बारियातू : डाढ़ा पंचायत के पुकचू करमाही सरना स्थल में गुरुवार को जिला स्तरीय दो दिवसीय सरना धर्म सम्मेलन का शुभारंभ हुआ. धर्म गुरु बंधन तिग्गा, पूर्व शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम के अलावा विजय यादव, कमले उराईन, सुनीता उराईन, सुखा उरांव व वीरेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से कलश पर द्वीप प्रज्वलित किया.

सरनाधर्मावलंबियों को संबोधित करते हुए धर्म गुरु श्री तिग्गा ने कहा कि समय-समय पर हम सबों को अध्यात्मिक सत्संग एवं प्रवचन करने की आवश्यकता है. सरना धर्म कोड, भाषा संस्कृति व परंपरा को कायम रखने की जरूरत है.

उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, नशा मुक्ति, अंधविश्वास व कुप्रथा पर समाज को जागरूक करते हुए पड़हा व्यवस्था के सशक्तीकरण करने की जरूरत पर बल दिया. वैद्यनाथ राम ने कहा कि झारखंड की आदिवासी परंपरा से हमें जुड़े रहने की जरूरत है. आदिवासियों का विकास करना ही हमारा उद्देश्य है. दो दिवसीय धर्म सम्मेलन को विजय यादव , बहन कमले उराईन , सूरज कुमार खलखो , रामौतार भगत , भूलन उरांव सहित कई लोगों ने संबोधित किया. इसके पूर्व सरना स्थल पर सरना झंडा गाड़कर प्रार्थना के बाद आये मुख्य अतिथियों को आदिवासी परंपरा से माला पहनाकर स्वागत किया गया. सम्मेलन में भंडारे की व्यवस्था रखी गयी है.

सरना धर्म सम्मेलन को सफल बनाने में मुख्य रूप से अशोक उरांव, रामू उरांव, सचु उरांव, महराज उरांव, रानो देवी, राजकुमार उरांव, जलेश्वर उरांव, मुनियां उराईन, मुनेश्वर उरांव समेत अन्य लोगों का योगदान रहा है.

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