मजदूरों को गुलाम बनाने का दस्तावेज है चार श्रम संहिता

लेबर कोड लागू किये जाने के खिलाफ सीटू ने श्रम अधीक्षक कार्यालय के समक्ष किया प्रदर्शन

: लेबर कोड लागू किये जाने के खिलाफ सीटू ने श्रम अधीक्षक कार्यालय के समक्ष किया प्रदर्शन : प्रदर्शन के उपरांत श्रम मंत्री के नाम श्रम अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा कोडरमा. चार श्रम संहिता (लेबर कोड) लागू किये जाने के खिलाफ सोमवार को सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) ने श्रम अधीक्षक कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. इससे पूर्व महाराणा प्रताप चौक से जुलूस निकाला गया. इसमें कॉरपोरेट पक्षीय लेबर कोड रद्द करो, पूंजीपतियों के इशारे पर देश चलाना बंद करो आदि नारे लगाये गये. मौके पर सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि मोदी सरकार ने 29 श्रम कानूनों को खत्म कर मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताएं लागू कर दिया है. जो मजदूरों को गुलाम बनाने का दस्तावेज़ है. जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश ने कहा कि केंद्र सरकार आये दिन मजदूरों के हक अधिकारों पर डाका डालने का काम कर रही है. निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड की ओर से मिलने वाले लाभ में नयी-नयी शर्तें लगाकर उनको रोकने का काम किया जा रहा है और निर्माण मजदूरों को अधिकार से वंचित किया जा रहा है. जिला सचिव रमेश प्रजापति ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी कर ग्रामीण मजदूरों को रोजगार की गारंटी मिलने वाले हक पर सीधा हमला किया गया है. सभा को आंगनबाड़ी यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी, निर्माण कामगार यूनियन के नागेश्वर दास, शंभु पासवान, बीएसएसआर यूनियन के दिलीप कुमार सिन्हा व माइका वर्कर्स यूनियन के महेंद्र तुरी ने भी संबोधित किया. मौके पर सहदेव दास, रवींद्र भारती, बालेश्वर राम, बसंती देवी, उषा देवी, मंजू देवी, शर्मिला देवी, यशोदा देवी, गुड़िया देवी, कारू भुईयां, युगल यादव, पप्पू दास, संतोष दास, शिवनंदन भुईयां व अन्य मौजूद थे. प्रदर्शन के उपरांत श्रम मंत्री के नाम श्रम अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया.

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By DEEPESH KUMAR

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