जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था होगी ठप, जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी : सीटू
कोडरमा. आउटसोर्सिंग कंपनी कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्यूरिटी फोर्स हजारीबाग के अंतर्गत जिला के सदर अस्पताल एवं सभी प्रखंडो के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को चार माह से मानदेय भुगतान नहीं होने को लेकर पिछले दिनों डीसी के समक्ष प्रदर्शन के बाद भी जिला प्रशासन के द्वारा पहल नहीं होने पर आउटसोर्सिंग कर्मियों में काफी रोष व्याप्त है. आगे की रणनीति के लिए शुक्रवार को सदर अस्पताल परिसर में सीटू के नेतृत्व में झारखंड स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ की बैठक हुई. जिसमें सर्वसम्मति से 25 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया. इसके पूर्व 18 मई को काला बिल्ला लगाकर काम करने और 20 मई को मशाल जुलूस निकालने का भी प्रस्ताव लिया गया.मानदेय नहीं मिलने से भुखमरी की स्थिति
बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मियों को चार महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण आज इनके सामने भुखमरी की स्थिति आ गयी है. मकान किराया, बच्चों को स्कूल फीस से लेकर बाइक में पेट्रोल भराने पर भी आफत है. सिविल सर्जन और जिला प्रशासन की तरफ से भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. बेबस होकर कर्मचारी हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य हो गये हैं. जिले की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था इन आउटसोर्सिंग कर्मियों पर निर्भर है. हड़ताल से पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था ठप हो जायेगी. जिसकी सारी जवाबदेही जिला प्रशासन पर होगी.
कर्मचारियों को बंधुआ मजदूर समझ रखा हैझारखंड चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव शैलेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि आउटसोर्सिंग कंपनी ने कर्मचारियों को बंधुआ मजदूर समझ रखा है कि काम कराकर पैसा नहीं देंगे. इसलिए इसके खिलाफ हड़ताल ही एकमात्र रास्ता है. मौके पर रंजीत राम, धीरज तिवारी, बिरेन्द्र कुमार, सुनील राम, अभिजीत कुमार, विनीत कुमार, सिकन्दर कुमार रजक, प्रहलाद कुमार, राहुल कुमार, विशाल राणा, गौरव कुमार, रेणु कुमारी, शांति कुमारी, संध्या कुमारी, शालिनी, चमेली कुमारी, बबीता, कंचन, ममता, कारू, मंजू, रम्भा देवी, रेखा, मेरी केरकेट्टा, अन्ना तिग्गा, बबीता, प्रेमलता देवी, सुलतानी, हीरालाल डोम आदि मौजूद थे.
