जांच में मिली गड़बड़ी, छह अस्पतालों को बंद करने का आदेश

बैठक में उन छह अस्पतालों को बंद करने का निर्णय लिया गया

कोडरमा. जिले में नियम व कानून को ताक पर रख किसी तरह संचालित हो रहे निजी अस्पतालों के विरुद्व जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. गत दिन जिले भर के निजी अस्पतालों की अलग-अलग टीम द्वारा की गयी जांच में मिली गड़बड़ी के आधार पर अब छह निजी अस्पतालों को पूर्ण रूप से बंद करने का आदेश दिया गया है. ये वैसे अस्पताल हैं, जहां व्यापक रूप से गड़बड़ी मिली है. इसके अलावा कई ऐसे अस्पतालों को स्पष्टीकरण व चेतावनी पत्र जारी करने की तैयारी है, जहां कुछ बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता है. मंगलवार को समाहरणालय सभागार में डीसी ऋतुराज की अध्यक्षता में हुई पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम एवं क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट अंतर्गत जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में उन छह अस्पतालों को बंद करने का निर्णय लिया गया, जहां व्यापक रूप से गड़बड़ी पायी गयी है. इन अस्पतालों में बाबा नेत्रलाय चंदवारा, मां गंगा क्लिनिक झुमरीतिलैया, जय जय क्लिनिक चंदवारा, सफी क्लिनिक उरवां, अपोलो हेल्थ केयर डोमचांच व सागर क्लिनिक रिसर्च एवं ट्रॉमा सेंटर झुमरीतिलैया शामिल हैं. बैठक में बताया गया कि हाल के दिनों में सभी निजी अस्पतालों में कराये गये निरीक्षण से प्राप्त प्रतिवेदन में कई बातें सामने आयी हैं. रिपोर्ट में अस्पतालों की ग्रेडिंग करायी गयी, जिसके आधार पर निर्धारित मानक के अनुसार 30 अंक से कम प्राप्त करने वाले निबंधित अस्पतालों को बंद करने, 31 से 50 अंक प्राप्त करने वाले अस्पतालों को शो-कॉज नोटिस जारी करने, 50 से 79 अंक प्राप्त करने वाले अस्पतालों को चेतावनी पत्र निर्गत करने तथा 80 अंक से अधिक प्राप्त करने वाले निबंधित अस्पतालों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है. जिला निबंधन प्राधिकार की बैठक आयोजित कर कांति क्लिनिक के विरुद्ध दो लाख रुपये का आर्थिक दंड जमा कराने के लिए पत्र निर्गत करने का भी निर्देश दिया. साथ ही बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन को लेकर सभी सरकारी व निजी अस्पतालों के प्रबंधकों तथा ग्रीन लैंड एजेंसी के साथ बैठक कर बायो मेडिकल वेस्ट का नियमित उठाव व सुरक्षित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. बैठक के दौरान जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के निबंधन एवं नवीकरण से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा हुई. वन प्वाइंट डायग्नोस्टिक के नवीकरण तथा आशादीप डायग्नोस्टिक के स्थल परिवर्तन को अनुमोदन प्रदान किया गया, जबकि भागीरथी मातृ सदन का एसडीओ द्वारा स्थल निरीक्षण कराने का निर्देश दिया गया. बैठक में एसडीओ रिया सिंह, डीडीएम पवन कुमार व विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि आदि मौजूद थे.

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Author: DEEPESH KUMAR

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