कोडरमा. लेबर कोड के खिलाफ 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल झारखंड में ऐतिहासिक होगी. यह बात झारखंड से सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कही. विशाखापट्टनम में 31 दिसंबर से चल रहे सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) के 18वें राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड कोयला, लोहा, तांबा, बॉक्साइट और अभ्रक का क्षेत्र है. जिस पर कॉरपोरेट घरानों की गिद्ध नजर है. राज्य में विस्थापन का मुद्दा महत्वपूर्ण है. रांची में हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचइसी) को बंद करने का प्रस्ताव मोदी सरकार ने ले लिया है. इसका मुख्य कारण रांची शहर में लाखों वर्गफीट में स्थित एचइसी की पांच हजार एकड़ जमीन है. जिस पर पूंजीपतियों की की नजर है. जहां पिछले 28 महीने से वर्करों को वेतन नहीं मिल रहा है और वे आंदोलनरत हैं. मनरेगा को खत्म कर जीराम जी योजना के पीछे के मंसूबे जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समाप्त कर देगी. इसके खिलाफ सीटू को पूरे देश में आंदोलन करना होगा. सम्मेलन में झारखंड की ओर से सीटू के राज्य महासचिव विश्वजीत देव, अपर महासचिव और कोयला मजदूरों के नेता आरपी सिंह, कोषाध्यक्ष प्रतीक मिश्रा, स्टील फेडरेशन के नेता राजकुमार गोराई और बीसीकेयू के रामजी यादव ने भी महासचिव के प्रतिवेदन पर चर्चा में हिस्सा लिया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
