: राजकुमार यादव की हत्या के बाद सदर अस्पताल से जाम स्थल तक रहीं मौजूद कोडरमा. अपने निजी वाहन चालक चितरपुर निवासी राजकुमार यादव (पिता दशरथ यादव) की जमीन विवाद में हत्या के बाद विधायक डॉ नीरा यादव पुलिस प्रशासन के प्रति आक्रोशित दिखीं. परिजनों की चीत्कार और बच्चों की गुहार सुनकर वह भावुक हो गयीं. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोडरमा पुलिस समय रहते गंभीरता दिखाती, तो यह घटना टाली जा सकती थी. विधायक ने कहा कि घटना से पहले उन्होंने स्वयं थाना प्रभारी विकास पासवान को फोन कर मामले की जानकारी दी थी और तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई. उनका कहना है कि पुलिस की लापरवाही के कारण राजकुमार यादव की जान चली गयी. विधायक पति विजय यादव ने भी पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय अन्य कार्यों में अधिक सक्रिय दिखती है. उन्होंने पुलिस को असंवेदनशील बताते हुए कहा कि आम लोगों की सुरक्षा और शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए. घटना की सूचना मिलने के बाद विधायक देर रात करीब 11 बजे सदर अस्पताल पहुंचीं और रात भर वहीं मौजूद रहीं. इसके बाद सुबह कुछ समय के लिए घर जाने के पश्चात वह जाम स्थल पर भी पहुंचीं, जहां परिजनों को ढांढस बंधाने के साथ पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाती रहीं. विधायक ने सोशल मीडिया पर भी जतायी पीड़ा : डॉ नीरा यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि घटना से पूर्व राजकुमार यादव की माता को आरोपियों द्वारा गड्ढे में डालकर मिट्टी से दबाने का प्रयास किया गया था. इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने तत्काल थाना प्रभारी से संपर्क कर कार्रवाई का आग्रह किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर कार्रवाई नहीं होने से यह दुखद घटना हुई. विधायक ने थाना प्रभारी की भूमिका की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को शीघ्र कठोर दंड मिलना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है.
चालक की हत्या पर भावुक हुईं विधायक, पुलिस की कार्यशैली पर उठाये सवाल
राजकुमार यादव की हत्या के बाद सदर अस्पताल से जाम स्थल तक रहीं मौजूद
