बेटी ने अपनी मर्जी से कर ली प्रेमी संग शादी, बाप ने जीते जी कर दिया पिंडदान

Koderma News: कोडरमा के डोमचांच प्रखंड के बेहराडीह गांव में प्रेम विवाह से नाराज माता-पिता ने अपनी जीवित बेटी से सभी संबंध तोड़ते हुए प्रतीकात्मक रूप से उसका पिंडदान और श्राद्ध कर्म कर दिया. यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

डोमचांच से रंजीत बनर्जी की रिपोर्ट

Koderma News: झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड अंतर्गत बेहराडीह गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. गांव की एक युवती द्वारा अपनी मर्जी से प्रेम विवाह करने की जानकारी मिलने बाद उसके माता-पिता और परिजनों ने उससे सभी रिश्ते खत्म करने का फैसला कर लिया. इतना ही नहीं, उन्होंने सामाजिक और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार जीवित बेटी का प्रतीकात्मक पिंडदान और श्राद्ध कर्म भी कर दिया. बताया जा रहा है कि 20 जून 2026 को युवती का प्रेमी के साथ विवाह होना है, लेकिन पिता ने उसके पहले ही पिंडदान कर दिया.

चार दिन पहले प्रेमी के साथ की थी शादी

जानकारी के अनुसार बेहराडीह गांव की युवती का गांव के ही एक युवक के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध था. दोनों ने अपनी इच्छा से विवाह करने का फैसला किया. जैसे ही इसकी जानकारी युवती के परिवार और रिश्तेदारों को मिली, वे इस फैसले से नाराज हो गये.

परिजनों ने समाज के सामने किया ऐलान

बताया जाता है कि परिवार के लोगों ने समाज के सामने घोषणा की कि अब उनकी बेटी उनके लिए मृत समान है और वे उससे कोई संबंध नहीं रखेंगे. परिजनों का कहना है कि युवती के इस कदम से परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है.

बराकर नदी किनारे किया गया पिंडदान

मिली जानकारी के अनुसार युवती के माता-पिता और अन्य परिजन गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र स्थित राजदाह धाम पहुंचे. वहां बराकर नदी के तट पर पारंपरिक रीति से बेटी का पिंडदान और श्राद्ध कर्म किया गया. इस घटना की चर्चा आसपास के गांवों में भी तेजी से फैल गयी है.

गांव में बना चर्चा का विषय

घटना के बाद पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. ग्रामीणों के बीच इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ लोग इसे पारिवारिक और सामाजिक परंपराओं से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोग इसे अत्यधिक भावनात्मक प्रतिक्रिया मान रहे हैं.

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प्रेम विवाह को लेकर बढ़ रही हैं सामाजिक चुनौतियां

ग्रामीण क्षेत्रों में प्रेम विवाह को लेकर सामाजिक स्वीकार्यता का मुद्दा आज भी कई परिवारों के लिए चुनौती बना हुआ है. बदलते समय और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच पारंपरिक सोच और सामाजिक मान्यताओं के टकराव के कारण इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रहती हैं. फिलहाल, इस मामले के बाद बेहराडीह गांव सहित आसपास के इलाके में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर जारी है.

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लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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