झारखंड की मशहूर यूट्यूबर कॉमेडियन मंजू देवी का निधन, झुमरीतिलैया में शोक की लहर

Koderma News: कोडरमा की मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया कॉमेडियन मंजू देवी का निधन हो गया. झुमरीतिलैया स्थित आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके घरेलू और हास्य वीडियो लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे. निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

कोडरमा से विकास कुमार की रिपोर्ट

Koderma News: झारखंड के कोडरमा जिले की चर्चित यूट्यूबर और सोशल मीडिया कॉमेडियन मंजू देवी का बुधवार सुबह निधन हो गया. उन्होंने झुमरीतिलैया स्थित विद्यापुरी आवास पर अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. मंजू देवी अपने घरेलू और हास्य वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर खास पहचान बना चुकी थीं. उनकी सरल भाषा, सहज अभिनय और पारिवारिक अंदाज ने उन्हें लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया था.

अचानक बिगड़ी तबीयत

मंजू देवी के पुत्र राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि मंगलवार रात उनकी मां की तबीयत अचानक खराब हो गई थी. यूट्यूब पर “राजेश बिंदास” नाम से प्रसिद्ध हैं. उन्होंने बताया कि देर रात उनका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया था, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल कोडरमा ले जाया गया. इलाज के दौरान बुधवार अहले सुबह चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. परिजनों के अनुसार बढ़ती उम्र के कारण भी उनकी तबीयत पिछले कुछ समय से कमजोर चल रही थी.

घरेलू अंदाज से जीता था लोगों का दिल

मंजू देवी ने सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई थी. वे अपने घरेलू जीवन, गांव-समाज और पारिवारिक माहौल से जुड़े हास्य वीडियो बनाती थीं, जिन्हें लोग काफी पसंद करते थे. उनके वीडियो में ग्रामीण जीवन की सादगी और हल्के-फुल्के हास्य का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता था. यही वजह थी कि कम समय में उन्होंने बड़ी संख्या में दर्शकों का प्यार हासिल कर लिया. उनके चाहने वाले सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों में भी मौजूद थे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके वीडियो लाखों बार देखे जाते थे.

“राजेश बिंदास” चैनल से मिली खास पहचान

मंजू देवी अपने पुत्र राजेश कुमार सिन्हा के साथ वीडियो में नजर आती थीं. “राजेश बिंदास” नाम से चलने वाले यूट्यूब चैनल के माध्यम से मां-बेटे की जोड़ी ने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी. वीडियो में मंजू देवी का स्वाभाविक अभिनय और बोलने का अंदाज दर्शकों को बेहद पसंद आता था. कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए थे. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंजू देवी ने यह साबित किया कि प्रतिभा किसी बड़े मंच की मोहताज नहीं होती. गांव और छोटे शहरों से भी लोग अपनी कला के दम पर देशभर में पहचान बना सकते हैं.

निधन की खबर से क्षेत्र में शोक

मंजू देवी के निधन की सूचना मिलते ही झुमरीतिलैया और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल बन गया. उनके घर पर शुभचिंतकों, परिचितों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने लगी. लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मंजू देवी को श्रद्धांजलि दी. सोशल मीडिया पर भी उनके चाहने वालों ने दुख व्यक्त किया और उनके साथ जुड़ी यादों को साझा किया. कई लोगों ने लिखा कि मंजू देवी के वीडियो ने हमेशा लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम किया. उनका निधन सोशल मीडिया जगत के लिए बड़ी क्षति है.

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लोगों ने दी श्रद्धांजलि

स्थानीय समाजसेवियों, यूट्यूबरों और शुभचिंतकों ने मंजू देवी के निधन पर गहरा दुख जताया है. लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है. मंजू देवी भले अब इस दुनिया में नहीं रहीं, लेकिन उनके वीडियो और उनकी सरल मुस्कान हमेशा लोगों की यादों में जिंदा रहेंगे.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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