झुमरीतिलैया . शांतिकुंज हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय से इंटर्नशिप पर आयीं सुप्रिया, दुर्गेश नंदिनी व आयुषी शर्मा ने शुक्रवार को गायत्री परिवार के उद्देश्य और विचारधारा को विस्तार से प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र दुनिया का सबसे श्रेष्ठ मंत्र है, जो सर्व सुलभ होते हुए जन-जन के हित में मन और मस्तिष्क को सकारात्मक दिशा देने की अद्भुत प्रक्रिया है. सपही में आयोजित दीप ज्योति कार्यक्रम में काफी संख्या में नव युवतियों की उपस्थिति रही. इस अवसर पर कई बहनों ने गुरुदेव से जुड़ने के बाद अपने जीवन में आये सकारात्मक बदलावों को साझा किया और भावुक हो उठे. इसके पूर्व डोमचांच चेतना केंद्र में सुबह 7:30 बजे से एक घंटे तक योग, प्राणायाम एवं एक्यूप्रेशर की कक्षाएं आयोजित की गयीं, जो पांच दिनों तक चलीं. इन कार्यक्रमों में गायत्री परिवार के सभी परिजनों की उत्साहपूर्ण और सराहनीय भागीदारी देखने को मिली.
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