18कोडपी51महेश दारूका. 18कोडपी52 प्रदीप हिसारिया. 18कोडपी53 सुधीर कुमार. 18कोडपी54 आदित्य कुमार. —————————— ———राज्य सरकार के बजट से उम्मीदें———– निवेश, रोजगार और कर सुधारों को लेकर चैंबर के पदाधिकारियों व शहर के सीए ने दी राय ——————- प्रतिनिधि झुमरीतिलैया. झारखंड सरकार का बजट आगामी दो मार्च को विधानसभा में पेश होगा़ राज्य के बजट को लेकर सरकार स्तर से तैयारी चल रही हैं, इस बजट से लोगों को भी काफी उम्मीदे हैं. चाहे व्यापारी वर्ग हो या उद्योगपति या वकील या फिर डॉक्टऱ इनके अलावा किसान, महिलाएं, पेंशन भोगी, विद्यार्थियों व अन्य को भी बजट से काफी उम्मीदे हैं. प्रभात खबर ने बजट से पूर्व हर सेक्टर के लोगों से बजट को लेकर उनकी उम्मीदों को जानने के प्रयास की शुरुआत की है़ इस प्रयास के पहले दिन हमने चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों व चार्टर्ड एकाउंटेंट से बात की तो कई बातें निकलकर सामने आई. इनका मानना है कि सरकार निवेश, व्यापार और रोजगार को प्राथमिकता देगी तो काफी बदलाव हो सकता है़ कोडरमा चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने सरकार से उद्योगों के विकास, कर सुधार और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की मांग रखी है़ साथ ही व्यापारियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का मानना है कि सरकार को नकद राहत देने की बजाय रोजगार सृजन पर ध्यान देना चाहिए़ वहीं, पर्यटन क्षेत्र में निवेश से झारखंड को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा़ ————————- झारखंड के खनिज आधारित उद्योगों के विकास पर जोर दिया जाना चाहिए़ झारखंड एक खनिज प्रधान राज्य है, इसलिए खनिज उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए़ विशेष रूप से अभ्रक उद्योग के लिए ठोस नीतिगत निर्णय लिए जाने चाहिए़ जमीन से जुड़े नियमों को सरल और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगे और रुके हुए रजिस्ट्रेशन कार्य पूरे हो सकें. ———–महेश दारूका, उपाध्यक्ष, कोडरमा चेंबर ऑफ कॉमर्स ———————– झारखंड की कर प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है़ वर्तमान में पेट्रोल पंपों को हर साल 17 वैट रिटर्न फाइल करनी होती है, जिसकी कोई जरूरत नहीं है़ इसे समाप्त किया जाना चाहिए़ सरकार को पेशेवर कर के नियमों में बदलाव कर नए करदाताओं पर लगने वाले भारी जुर्माने और ब्याज को खत्म करना चाहिए़ पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की भी जरूरत है़ इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी़ ————-प्रदीप हिसारिया, चार्टेड अकाउंटेंट सह संयुक्त सचिव, कोडरमा चेंबर ऑफ कॉमर्स ————————– झारखंड की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत है़ किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) का दायरा बढ़ाने की भी आवश्यकता है़ इसके अलावा झारखंड में दुग्ध, मत्स्य और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लाई जानी चाहिए़ साथ ही गांवों में कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए, ताकि कृषि उत्पादों की बर्बादी रोकी जा सके़ ———–सुधीर कुमार, चार्टर्ड अकाउंटेंट ————————– झारखंड में नए औद्योगिक केंद्र और विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाए जाने चाहिए, जिससे निवेश आकर्षित हो और रोजगार के अवसर बढ़ें. खनन आधारित उद्योगों में आधुनिक तकनीक अपनाकर उत्पादन और रोजगार में वृद्धि की जा सकती है़ साथ ही, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को आसान ऋण और कर में रियायतें दी जानी चाहिए, ताकि छोटे व्यवसाय फल-फूल सके. —————आदित्य कुमार, चार्टर्ड अकाउंटेंट, ———————
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