कोडरमा: सावन की तीसरी सोमवारी पर जिला मुख्यालय स्थित ध्वजाधारी धाम समेत आसपास के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. सुबह से ही महिलाएं, पुरुष और युवतियां मंदिर पहुंचीं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर फल, फूल व नैवेद्य अर्पित किया. श्रद्धालुओं ने सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की.
ध्वजाधारी धाम में सुबह से शाम तक भक्तों की भीड़ रही. श्रद्धालुओं ने 778 सीढ़ियां चढ़कर पहाड़ की चोटी पर स्थित शिवलिंग का जलाभिषेक किया. सोमवारी को लेकर धाम में सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहीं. पहाड़ की तलहटी से लेकर चोटी तक शिवभक्तों की भीड़ देखी गयी.
नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा
सावन की तीसरी सोमवारी के साथ नाग पंचमी होने के कारण ध्वजाधारी धाम में अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रही. श्रद्धालुओं ने दूध, लावा और नैवेद्य अर्पित कर नाग देवता की पूजा-अर्चना की और सुख-शांति व समृद्धि की कामना की.
ध्वजाधारी धाम के मुख्य महंत महामंडलेश्वर सुखदेव दास जी महाराज ने कहा कि सावन का हर दिन भगवान शिव को प्रिय है, लेकिन सोमवारी का विशेष महत्व है. इस दिन श्रद्धा से पूजा करने पर भगवान भोलेनाथ भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं.
उन्होंने बताया कि शिव पूजा में बेलपत्र, धतूरा, भांग, शुद्ध जल, गंगाजल, दही, घी, शमी पत्र, आंकड़े के फूल और चंदन का विशेष महत्व है. हालांकि, भगवान शिव को एक लोटा शुद्ध जल अर्पित करने से भी वे प्रसन्न हो जाते हैं.
