उच्च आदतों को अपनाकर ही निम्न आदतों से मुक्ति संभव
By DEEPESH KUMAR | Updated at :
उच्च आदतों को अपनाकर ही निम्न आदतों से मुक्ति संभव
कोडरमा. ग्रिजली विद्यालय सभागार में पावर ऑफ हैबिट्स विषय पर प्रेरक व्यक्तित्व विकास परामर्श सत्र का आयोजन किया गया. डॉ केशवनंद दास, वरिष्ठ मेंटर इस्कॉन एवं गीता यूथ सोसाइटी फॉर ट्रांसफॉर्मेशन के चेयरमैन मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे. डॉ केशवनंद दास ने बताया कि मस्तिष्क में कोई भी आदत तब विकसित होती है, जब किसी एक क्रिया या उत्तेजना को कम से कम 40 बार दोहराया जाये. उच्च आदतों को अपनाकर ही निम्न आदतों से मुक्ति संभव है. उत्साह की व्याख्या करते हुए उन्होंने कर्मवाद और दैववाद की संयुक्त भूमिका पर प्रकाश डाला तथा कहा कि जीवन की घटनाएं दोनों के समन्वय से निर्मित होती हैं. डॉ दास ने विद्यार्थियों को सफल व्यक्तियों से प्रेरणा लेने, रात नौ बजे सोने तथा प्रातः चार बजे जागने की सलाह दी. विद्यालय के सीइओ प्रकाश गुप्ता एवं प्राचार्या अंजना कुमारी ने सकारात्मक आदत, अनुशासन और लक्ष्यबद्ध जीवन शैली के महत्व पर प्रकाश डाला. संचालन व धन्यवाद ज्ञापन छात्र सेवा प्रकोष्ठ के समन्वयक सुधांशु कुमार ने किया. आयोजन में अनन्या ज्योति, क्रांति दक्ष, तान्या गुप्ता, रूकैया शफीक, अवंतिका गुप्ता, अनुषा जैन, आर्यन कुमार, आकर्षण राज, केशव कृष्ण, सागर कुमार, श्लोक भार्गव एवं आदित्य राज कश्यप की सराहनीय भूमिका रही.
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