झुमरीतिलैया. शहरी क्षेत्र में चोरी की घटनाओं में व्यापक वृद्धि हुई है. थाना क्षेत्र के असनाबाद स्थित बैद्यनाथ नगर के दो घरों में अपराधियों ने धावा बोला और लाखों रुपये के जेवरात, नकदी व अन्य सामान की चोरी कर फरार हो गये. एक अन्य घर में अपराधी चोरी का प्रयास कर रहे थे, लेकिन मकान मालिक के जग जाने से उनकी मंशा विफल हो गयी. जानकारी के अनुसार अनिल साव व मनोज कुमार के मकान में किराये पर रहनेवाले मनीष कुमार के यहां चोरी की घटना घटी. अनिल साव नवलशाही स्थित अपने पैतृक गांव एक रिश्तेदार के यहां छट्ठी कार्यक्रम में गये थे. सोमवार की सुबह उन्हें पड़ोसियों ने सूचना दी कि घर के दरवाजे का ताला टूटा हुआ है. सूचना पर जब अनिल पहुंचे, तो देखा कि उनके घर का ताला टूटा पड़ा है और अंदर सामान अस्त-व्यस्त है. आलमीरा टूटा हुआ और पलंग पर कपड़े बिखरे पड़े हैं. चोर आलमीरा में रखे तीन लाख नकद, 30 ग्राम सोने के आभूषण करीब चार लाख रुपये के सामान समेत म्यूजिक सिस्टम व अन्य सामान की चोरी कर फरार हो गये थे. अनिल साव के यहां चोरों ने आराम से चोरी की घटना को अंजाम दिया. घटनास्थल की तस्वीरें देख प्रतीत हो रहा था कि चोर यहां घंटों रुके. घर के अंदर शराब की बोतलें पड़ी मिली. अंदाजा लगाया जा रहा है चोरों ने शराब पी. वहीं ड्राई फ्रूट्स व अन्य खाने-पीने की चीजें भी खायी. किचेन में ड्राइ फ्रूट्स बिखरे मिले, जबकि कच्चा पनीर गायब था. च्वयनप्राश का डब्बा भी खुला मिला. दूसरे घर में कितने की चोरी, स्पष्ट नहीं: चोर अनिल साव के अलावा इसी मुहल्ले में मनोज कुमार के मकान में किराये पर रहने वाले मनीष कुमार के यहां भी चोर घुसे. मनीष रविवार को छुट्टी पर अपने घर गये थे. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनके यहां कितने की चोरी हुई है. इसके अलावा चोर एक अन्य मकान में घुसे, पर मकान मालिक के जग जाने से चोरी की वारदात को अंजाम दे नहीं सके. इधर, चोरी की घटना की सूचना पर तिलैया पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. पुलिस कर्मी के घर हुई चोरी का नहीं हो पाया खुलासा लगातार हो रही चोरी की घटनाओं में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं. गत माह अड्डी बंगला में एक पुलिस कर्मी के घर लाखों रुपये की चोरी हुई थी, लेकिन पुलिस आज तक खुलासा नहीं कर पायी है. चोरों ने गत माह स्पेशल ब्रांच के कंप्यूटर ऑपरेटर के घर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था. लोगों की मानें, तो जब पुलिस कर्मी खुद सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी का क्या होगा.
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