सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने जलवा बिखेरा

मां मथुरासिनी महोत्सव के अंतिम दिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया. इसमें समाज के 22 बच्चों ने एक से बढ़कर एक नृत्य प्रस्तुत किया.

झुमरीतिलैया. मां मथुरासिनी महोत्सव के अंतिम दिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया. इसमें समाज के 22 बच्चों ने एक से बढ़कर एक नृत्य प्रस्तुत किया. अदविका एकघरा ने झूठ बोले कौआ पर धमाकेदार प्रस्तुति दी. वहीं आरिनी भदानी ने ठुमकेश्वरी गीत पर मंच पर जलवा बिखेरा. आरव भदानी ने हट जा बाजू, आने दे हवा, मुस्कान भदानी ने लंदन ठुमका दे और श्रीसा भदानी ने उई अम्मा पर जबरदस्त प्रस्तुति दी. समृद्धि सेठ, सताक्षी कुमारी, तनमय पहाड़ी, रिद्धिया लोहानी सहित सभी बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया. नृत्य के बाद सन्नी ने अपनी मिमिक्री से दर्शकों को हंसी से लोटपोट कर दिया. महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों और समिति के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया. पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता को मण्डल उपाध्यक्ष पप्पू भदानी के नेतृत्व में सम्मानित किया गया. समाज के डोनर परिवार से प्रदीप भदानी को भी समिति द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया. प्रदीप भदानी ने कहा कि जल्द हीं मां मथुरासिनी मंदिर का निर्माण होगा. मां मथुरासिनी महोत्सव हमारी कुलदेवी हैं और सिरही पूजा से जुड़ा हुआ है. अब यह समाज की गौरवशाली परंपरा, जातीय एकता और समृद्धि का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि आज माहुरी समाज के लोग इसे भारत के विभिन्न महानगरों में भी बड़े स्तर पर मना रहे हैं, जिनमें कोलकाता, दुर्गापुर, रानीगंज, रायरंगपुर, अहमदाबाद, पुणे, उल्हासनगर (मुंबई), सूरत, बेंगलुरु और दिल्ली एनसीआर शामिल हैं. महामंडल उपाध्यक्ष रवि कपसीमे ने जानकारी देते हुए बताया कि मां मथुरासिनी महोत्सव की शुरुआत श्री फकीरचंद्र राम द्वारा बोकारो में की गयी थी. इसके बाद यह परंपरा आगे बढ़ती गयी. झुमरीतिलैया में वर्ष 2001 में सदानंद प्रसाद भदानी, कालीचरण राम तरवे, रामचंद्र सेठ, दर्शन राम कपसीमे, दमोदर प्रसाद भदानी और बनमाली राम भदानी ने इसे आगे बढ़ाया. शुरुआत में यह एक दिवसीय महोत्सव था, फिर कुछ वर्षों बाद यह दो दिवसीय हुआ और साल 2005 से इसे तीन दिवसीय महोत्सव के रूप में मनाया जाने लगा. महोत्सव में मंडल अध्यक्ष अरुण सेठ, सचिव सुनील भदानी और महोत्सव संयोजक अभिषेक रंजन, उपाध्यक्ष पप्पू भदानी ने भी सभा को संबोधित किया और समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया. सांस्कृतिक कार्यक्रम के परियोजना निर्देशक राजेश भदानी और अंजना भदानी को सफल संचालन के लिए सम्मानित किया गया. संचालन नेहा बड़गवे व गौतम वैश्खियार ने किया. इस अवसर पर महोत्सव संयोजक अभिषेक रंजन, मंडल अध्यक्ष अरुण सेठ, सचिव सुनील भदानी, प्रतीक कुमार, केंद्रीय महिला समिति उपाध्यक्ष सुनीता सेठ, उदय बड़गवे, सुनील ब्रहपुरिया, प्रभाकर भदानी, नवीन आर्य, संदीप लोहानी, नरेश गुप्ता, अजय लोहानी, गौतम वैश्खियार, रवि लोहानी, शुभम कपसिमे, दिलीप ब्रहपुरिया, नितेश कुमार, दिलीप लोहानी, बंटू पहाड़ी, उचित अठघरा, विकास वैश्खियार, महेंद्र लोहानी, मुकेश ब्रहपुरिया, सोनू लोहानी, वेद प्रकाश भदानी, विजय कपसिमे, प्रदीप कंधवे, अंकित एकघरा, रूपेश लोहानी, रेनू बड़गवे, पूर्णिमा सेठ, शिवांगी कुमारी आदि मौजूद थे.

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Author: PRAVEEN

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